Мубораки манзилии хуши сарзаминӣ
مبارک منزلی خوش سرزمینی
Ки онҷои сари براردи нозанинӣ
که آنجا سر برآرد نازنینی
Барӣни ман ки гар бошад ҷуз ин нест
براین من که گر باشد جز این نیست
Ки ҳурӣ ҳасту фирдавси бринӣ
که حوری هست و فردوس برینی
Яқини доне ки чашмаши айн фитна аст
یقین دانی که چشمش عین فتنه است
?герат ҳосил шавад айни алиқинӣ
گرت حاصل شود عین الیقینی
Ба он лаби малик дилҳо шуд мусаллам
به آن لب ملک دلها شد مسلم
Сулаймон малик ронад ба ангабинӣ
سلیمان ملک راند به انگبینی
Ҷӯи пеши рухи хат оре сӯзем ҷон
جو پیش رخ خط آری سوزیم جان
Шуд ин ҳарфами дуруст аз пеши бинӣ
شد این حرفم درست از پیش بینی
Бишӯяд чашмам аз ғайрат ба сад об
بشوید چشمم از غیرت به صد آب
Чу байнам бар дарат нақши ҷабинӣ
چو بینم بر درت نقش جبینی
Камол аз синаи гули меҳри он сарв
کمال از سینه گل مهر آن سرو
Тизед садри паии болои нишинӣ
تزید صدر پی بالا نشینی