Туро бо ман сар борӣ намондаст
ترا با من سر باری نماندست
Сари меҳр ва вафодорӣ намондаст
سر مهر و وفاداری نماندست
Марои имрӯз бо ту хотирӣ низ
مرا امروز با تو خاطری نیز
Ки бемӯҷиб бёзорӣ намондаст
که بی موجب بیازاری نماندست
Надонам бо ки ҳамрангӣ гузидӣ
ندانم با که همرنگی گزیدی
Ки дар ту бӯнӣ аз ёрӣ намондаст
که در تو بونی از یاری نماندست
Бурузи ой эй шаби ҳиҷрон ки дигар
بروز آی ای شب هجران که دیگر
Чу шамъами ноб бедорӣ намондаст
چو شمعم ناب بیداری نماندست
Ба мо азанд кӣ андаки вФоӣӣ
به ما ازاند کی اندک وفائی
?герат монадаст пиндорӣ намондаст
گرت ماندست پنداری نماندست
Барис фарёди дарди ман худо ро
برس فریاد درد من خدا را
Ки бешам тоқат зорӣ намондаст
که بیشم طاقت زاری نماندست
Камол аз умр бе ӯ раҳи чизе
کمال از عمر بی او ره چیزی
Каз он чизеи бадаст оре намондаст
کز آن چیزی بدست آری نماندست