Маро аз чашми ту нозӣ ниёз аст

مرا از چشم تو نازی نیاز است

Ба нозии каши марои чандин чаҳ ноз аст

به نازی کش مرا چندین چه ناز است

Дилам бинавоз яъне сӯзу бгдоз

دلم بنواز یعنی سوز و بگداز

Ки дили мискини ғамати мискин навоз аст

که دل مسکین غمت مسکین نواز است

Рахт доранду хати бечорагони дӯст

رخت دارند و خط بیچارگان دوست

Ки ин бечораи сӯзи он чора соз аст

که این بیچاره سوز آن چاره ساز است

Мадаи гӯи лаб чу зулф омад ба дастам

مده گو لب چو زلف آمد به دستم

Кигар рӯзаши нбўсми шаб дароз аст

که گر روزش نبوسم شب دراز است

Лабаши нарми гудозад аз дами ман

لبش نرم گدازد از دم من

Ки оҳи синаи сӯзами ҷон гудоз аст

که آه سینه سوزم جان گداز است

Ба рӯйиш воъзо шуд саҷдаи воҷиб

به رویش واعظا شد سجده واجب

Сухан кӯтоҳ кун вақт намоз аст

سخن کوتاه کن وقت نماز است

Камол аз зулф ӯ бӯнӣ наёбӣ

کمال از زلف او بونی نیابی

?герат аз сад сару ҷон эҳтироз аст

گرت از صد سر و جان احتراز است