Онкии ҳаргизи сӯии ман чашм рзоӣӣ накушод

آنکه هرگز سوی من چشم رضائی نگشاد

Ёрб аз чашми бади халқи газандаши мрсод

یارب از چشم بد خلق گزندش مرساد

Мрҳбонии таъм буд азу дар ҳамаи умр

مرحبانی طعم بود ازو در همه عمر

Саъй бисёр намудем вале дасти надод

سعی بسیار نمودم ولی دست نداد

Солҳо рафт ки холии ним аз ёд касе

سالها رفت که خالی نیم از یاد کسی

Ки набояд ҳамаи умраши зи ман длшдаҳи бод

که نباید همه عمرش ز من دلشده باد

Ояд он рӯз ки хоҳад лаби ширин эй дил

آید آن روز که خواهد لب شیرین ای دل

Узри он доғ ки бар синаи Фарҳоди ниҳод

عذر آن داغ که بر سینه فرهاد نهاد

Ман зи дасти ғам ӯ гарчи фитодам аз пой

من ز دست غم او گرچه فتادم از پای

Ҳеҷ корӣ ба ҷаҳони хуштар азинм нафитод

هیچ کاری به جهان خوشتر ازینم نفتاد

Дили ҳилоли тани худ хост ғамаш омад ва гуфт

دل هلال تن خود خواست غمش آمد و گفت

Махӯр ин ғам ки миннати зуди расонами бмрод

مخور این غم که منت زود رسانم بمراد

Дӯш мегуфт фироқи рухи ҷонон ба камол

دوش میگفت فراق رخ جانان به کمال

Ки ҳанузат рамақӣ ҳаст зи ҷони шармати бод

که هنوزت رمقی هست ز جان شرمت باد