Рӯй зебои ту ҳар бор ки дар чашм тар ояд

روی زیبای تو هر بار که در چشم تر آید

Хубтар бошад аз он моҳ ки дар оби намояд

خوبتر باشد از آن ماه که در آب نماید

Гариро турфа набошад ки рубойанд хилоиқ

گری را طرفه نباشد که ربایند خلایق

Турфаи он гӯии занхдон ки дил халқ рибоед

طرفه آن گوی زنخدان که دل خلق رباید

Дар ба занҷири бибандади ҳамаи вақт ва аҷабаст ин

در به زنجیر ببندد همه وقت و عجب است این

Ки дар давлатами он зулф чу занҷири кушояд

که در دولتم آن زلف چو زنجیر گشاید

Перҳани лутфи танат зонкаҳ бапушед чаҳ ҳосил

پیرهن لطف تنت زآنکه بپوشید چه حاصل

Остини ту ду соид чу ба ангушти намояд

آستین تو دو ساعد چو به انگشت نماید

Нолау ашк чу хунобаи ман аз дида набинам

ناله و اشک چو خونابه من از دیده نبینم

Ин чунин мо ту кунӣ эй дил ва инҳо з ту ояд

این چنین ما تو کنی ای دل و اینها ز تو آید

Пеши болои нав бар тарафи чамани сарви сеӣ ро

پیش بالای نو بر طرف چمن سرو سهی را

Боғбонон нагузоранд ки густох барояд

باغبانان نگذارند که گستاخ برآید

Пеши болои нав бар тарафи чамани сарви сеӣ ро

پیش بالای نو بر طرف چمن سرو سهی را

Ки бисозад ғазалу пари гул рӯй ту сарояд

که بسازد غزل و پر گل روی تو سراید