Нест аз сӯзи ту ҷонро на гурез
نیست از سوز تو جان را نه گریز
Сар надорад зи сари ханҷари тези ту ситез
سر ندارد ز سر خنجر تیز تو ستیز
Варна гурези орзӯ май барам он сӯзи зиҳии оташи табъ
ورنه گریز آرزو میبرم آن سوز زهی آتشطبع
Хотирам мекашад он теғи зиҳии хотири тез
خاطرم میکشد آن تیغ زهی خاطر تیز
Гуфтаҳои зулфи каҷами дор ба даст ва магӯӣ
گفتههای زلف کجم دار به دست و مگوی
Монад ин ҳам ба ҳамон нукта ки каҷи дору марез
ماند این هم به همان نکته که کج دار و مریز
Нест шарти адаб эй гирд бар он дар манишин
نیست شرط ادب ای گرد بر آن در منشین
Заҳмати худ барои бод аз он ки бархез
زحمت خود برای باد از آن که برخیز
Халқ гӯйанд гурез аз ситами зулфу Рахш
خلق گویند گریز از ستم زلف و رخش
Рӯзи равшан ба чунин банд чаҳ имкони гурез
روز روشن به چنین بند چه امکان گریز
Ҳарки хонд аз суханами васфи рухи хуб ту гуфт
هرکه خواند از سخنم وصف رخ خوب تو گفت
Накунад кас ба азин маънии нозуки ангез
نکند کس به ازین معنی نازک انگیز
Даст зад дар расани зулфи ту дуздидаи камол
دست زد در رسن زلف تو دزدیده کمال
Бофтии дузд дар дасташи ҳам аз онҷои овез
بافتی دزد در دستش هم از آنجا آویز