эй варақи гули биҳишт аз рухи нозукати хаҷал

ای ورق گل بهشت از رخ نازکت خجل

Лаъли лаби ту ғунчаро карда ба хандаи мунфаил

لعل لب تو غنچه را کرده به خنده منفعل

То нагирифт аз рахти нусхаи мусаввири сабо

تا نگرفت از رخت نسخة مصور صبا

Сӯрати гул ба ҳўи варақ бар нкшаҳ аз обу гул

صورت گل به هو ورق بر نکشه از آب و گل

Ман ба ҳавои қоматати умр дароз ёфтам

من به هوای قامتت عمر دراز یافتم

Зонка ҳамеша кардаам касби ҳавои муътадил

زانکه همیشه کرده ام کسب هوای معتدل

Бар дарат оташ дилам рафт ва бар гирифт дон

بر درت آتش دلم رفت و بر گرفت دان

Гар наравад ба гирди он оби ду дидаи муттасил

گر نرود به گرد آن آب دو دیده متصل

Чашми ту чун кашад марои нав ба ҳиллӣ талаб кунӣ

چشم تو چون کشد مرا نو به حلی طلب کنی

Гар накушуд дўборҳом нест ба дӯстӣ ба ҳал

گر نکشد دوبارهام نیست به دوستی به حل

Чун нарасида риштаи умр ба даври васли ту

چون نرسیده رشته عمر به دور وصل تو

Миннат ӯ чаҳ микшми гӯи аҷалаши зи ҳам гусал

منت او چه میکشم گو اجلش ز هم گسل

Дай ба камол гуфта дил бар мо биору ҷон

دی به کمال گفته دل بر ما بیار و جان

Сӯии худами намои Ромӣ то биравам ба ҷону дил

سوی خودم نما رمی تا بروم به جان و دل