Ба зулфу хол ту кардӣ хӯни хеши сиблат
به زلف و خال تو کردی خون خویش سبیل
Ба шарт онкӣ ситонанд хӯни баҳои зи қтил
به شرط آنکه ستانند خونبها ز قتیل
Матоъи ман сар ва ҷонаст ва нест лоиқи дӯст
متاع من سر و جان است و نیست لایق دوست
Ба дӯстон чаҳ фиристад касе матоъи қалил
به دوستان چه فرستد کسی متاع قلیل
Танам гудохт чу шамъу далели заъф дил аст
تنم گداخت چو شمع و دلیل ضعف دل است
Аҷаб ки пеши ту равшан нагашт заъфи далел
عجب که پیش تو روشن نگشت ضعف دلیل
Рақиби сохт ду чашми терм ба захми кабӯд
رقیب ساخت دو چشم ترم به زخم کبود
Дар диҷла буд равони чашм ман шуд акнӯн нил
در دجله بود روان چشم من شد اکنون نیل
Чаҳ илтифоти муҳибро ба бӯстони Наим
چه التفات محب را به بوستان نعیم
Ки дили з рӯй тӯр боғӣаст бар зуннори халил
که دل ز روی تور باغیست بر زنار خلیل
Ба васли суҳбати Юсуфи азизи ман мштоб
به وصل صحبت یوسف عزیز من مشتاب
Ҷамол бор набинӣ магар ба сабри ҷамил
جمال بار نبینی مگر به صبر جمیل
Камоли зулф батонгар хаёл май бандӣ
کمال زلف بتان گر خیال میبندی
Марв ба хоб ки Ҳиндӯстон бибинад фил
مرو به خواب که هندوستان ببیند فیل