Хаёли чашму абрӯяти шабӣ дар хоб ме дидам

خیال چشم و ابرویت شبی در خواب می‌دیدم

Ту гӯйии ҷодӯони маст дар миҳроб ме дидам

تو گویی جادوان مست در محراب می‌دیدم

зи дасти чашму дили он дами тани ғами дидаи худ

ز دست چشم و دل آن دم تن غم‌دیدهٔ خود

Гуҳӣ дар оташи меҳнати гуҳӣ дар об ме дидам

گهی در آتش محنت گهی در آب می‌دیدم

Ро таманнои руху зулфат чу мекардам дар он савдо

را تمنای رخ و زلفت چو می‌کردم در آن سودا

Ба рӯзи равшани он соъати шаб маҳтоб ме дидам

به روز روشن آن ساعت شب مهتاب می‌دیدم

Ба гирди хотири ғамгин чаро гаштӣ май рангин

به گرد خاطر غمگین چرا گشتی می رنگین

Гар аз ҷоми лабати ҷонро дамӣ сероб ме дидам

گر از جام لبت جان را دمی سیراب می‌دیدم

Чу хоки остони ту ҳаме ояд ба чашми ман

چو خاک آستان تو همی‌آید به چشم من

Кушода бар дар бахтами дарии зи он боб ме дидам

گشاده بر در بختم دری ز آن باب می‌دیدم

зи ҳиҷрати сӯхтам роҳат намекардам таманное

ز هجرت سوختم راحت نمی‌کردم تمنایی

Вале ҳаргунаи меҳнатро беасбоб ме дидам

ولی هرگونه محنت را بی‌اسباب می‌دیدم

Камоли хастаро ҳар дам ба ёди лаъли дарборат

کمال خسته را هر دم به یاد لعل دربارت

Равон аз чашмаи чашмаши ақиқ ноб ме дидам

روان از چشمه چشمش عقیق ناب می‌دیدم