Дасти з кор шуд маро , даст ба ёр дар нашуд

دست ز کار شد مرا، دست به یار در نشد

Лобаи нмўдмши басӣ , ҳеҷ ба кор дар нашуд

لابه نمودمش بسی، هیچ به کار در نشد

Оҳ ки сабр чун кунад ин дил бе қарори ман

آه که صبر چون کند این دل بی قرار من

Каз паии танагии андрўи сабру қарор дар нашуд

کز پی تنگی اندرو صبر و قرار در نشد

Дил ки ба ҳадяи додмш кин рух зард бингарад

دل که به هدیه دادمش کاین رخ زرد بنگرد

Сиккаи қалби доштами зар ба айёр дар нашуд

سکه قلب داشتم زر به عیار در نشد

Ҷони бспрдмш ки то куштаи худ шмордм

جان بسپردمش که تا کشته خود شماردم

Гар чаҳ ки куштани раҳеи ҳам ба шумор дар нашуд

گر چه که کشتن رهی هم به شمار در نشد

То ки даҳони танги ту бо нафас насим зад

تا که دهان تنگ تو با نفس نسیم زد

Дар сари ғунчаи баъд азон боди баҳор дар нашуд

در سر غنچه بعد ازان باد بهار در نشد

Дай ба киришма мешудӣ гашти чамани басони гул

دی به کرشمه می شدی گشت چمن بسان گل

Шухии гул ки аз ҳаёи боз ба хор дар нашуд

شوخی گل که از حیا باز به خار در نشد

Гашти ғубори хинги ту серумаи чашм ва ҳеҷ гуҳ

گشت غبار خنگ تو سرمه چشم و هیچ گه

Серума бидон нмти дарин дидаи тор дар нашуд

سرمه بدان نمط درین دیده تار در نشد

Ман ба ғубори хостам дар рӯму нбинмш

من به غبار خواستم در روم و نبینمش

Лек з бас заъифем тан ба ғубор дар нашуд

لیک ز بس ضعیفیم تن به غبار در نشد

Бар дили ман фарси марон , зонка ба хонаи гадо

بر دل من فرس مران، زانکه به خانه گدا

Шоҳ агар чаҳ шуд дарун , лек савор дар нашуд

شاه اگر چه شد درون، لیک سوار در نشد

Нолаи хусрав аз ғамаш рафт ба гӯши осмон

ناله خسرو از غمش رفت به گوش آسمان

Ҳеҷ гуҳӣ ба гӯшти ин нолаи зор дар нашуд

هیچ گهی به گوشت این ناله زار در نشد