Ту каз сӯзам нае воқиф , дилат бар ман наме сӯзад

تو کز سوزم نه‌ای واقف، دلت بر من نمی‌سوزد

Марои онҷо ки ҷони сӯзад , турои доман наме сӯзад

مرا آنجا که جان سوزد، ترا دامن نمی‌سوزد

зи ғайрати сӯхтам , ҷоно , чу дар ғайрим задӣ оташ

ز غیرت سوختم، جانا، چو در غیرم زدی آتش

Ту оташ май занӣ дар ғайру ғайр аз ман наме сӯзад

تو آتش می‌زنی در غیر و غیر از من نمی‌سوزد

Рахт каз донаи филфили ниҳодаи хол бар ориз

رخت کز دانه فلفل نهاده خال بر عارض

Кадомин рӯзи кони як донаи сад хирман наме сӯзад

کدامین روز کان یک دانه صد خرمن نمی‌سوزد

Насозад дӯсти ҷуз бо дӯст то сӯзади дили душман

نسازد دوست جز با دوست تا سوزد دل دشمن

Ту чандини дӯст май сӯзӣ ки каси душман наме сӯзад

تو چندین دوست می‌سوزی که کس دشمن نمی‌سوزد

Мазан бегиря , хусрав , дам , агар аз ишқ май лофӣ

مزن بی‌گریه، خسرو، دم، اگر از عشق می‌لافی

Ки мардум аз чароғи дида беравған наме сӯзад

که مردم از چراغ دیده بی‌روغن نمی‌سوزد