Харобии ман аз он чашми пар хуморӣ пресс

خرابی من از آن چشم پر خماری پرس

Ҳалоки ҷонам аз он лола баҳорӣ пресс

هلاک جانم از آن لاله بهاری پرس

зи захми ғамза чаҳ пурсӣ ки дар ҷигар чандаст ?

ز زخم غمزه چه پرسی که در جگر چند است؟

з сад фузунаст , вале захмҳои корӣ пресс

ز صد فزونست، ولی زخمهای کاری پرس

Ғуломи чашми туам ,гар чаҳ новаки ту хуш аст

غلام چشم توام، گر چه ناوک تو خوش است

Валек лиззати он аз дил шикорӣ пресс

ولیک لذت آن از دل شکاری پرس

Дилам ки зуд фаромӯш мекунад худ ро

دلم که زود فراموش می کند خود را

Мапурс ҳеҷ зи ҳиҷрон ва биқрорӣ пресс

مپرس هیچ ز هجران و بیقراری پرس

Марост дардисарӣ аз хумори мастии ишқ

مراست دردسری از خمار مستی عشق

Алоҷи дардам аз он наргис хуморӣ пресс

علاج دردم از آن نرگس خماری پرس

Куҷост давлати онам ки бар дарат бошам ?

کجاست دولت آنم که بر درت باشم؟

Нишони ман ба сари кӯй хоксорӣ пресс

نشان من به سر کوی خاکساری پرس

Рӯ , эй сабоу зи баҳри мусофирони фироқ

رو، ای صبا و ز بهر مسافران فراق

Аз он ду лаби суханӣ чанд ёдгорӣ пресс

از آن دو لب سخنی چند یادگاری پرس

Сурӯди завқ фаровон шунидае , акнӯн

سرود ذوق فراوان شنیده ای، اکنون

Биё , зи хусрави завқи фиғон ва зорӣ пресс

بیا، ز خسرو ذوق فغان و زاری پرس