Миннат ҳар шаб ки гирди кӯии гирдам
منت هر شب که گرد کوی گردم
зи баҳри он рухи дилҷӯии гирдам
ز بهر آن رخ دلجوی گردم
Ҳаме гуяд ки ҷони даҳ пеш рӯем
همی گوید که جان ده پیش رویم
Чаҳ мегӯям сари он рӯй гирдам
چه می گویم سر آن روی گردم
Ҳамон талхам ки май гӯйӣ , ҳамеи гӯй
همان تلخم که می گویی، همی گوی
Ки гар бинавозем , бади хуии гирдам
که گر بنوازیم، بد خوی گردم
зи ман даии ёд доданат ба бад гуфт
ز من دی یاد دادنت به بد گفت
Фидоӣ гуфт он бдгўӣ кардам
فدای گفت آن بدگوی کردم
Маро , ҷоно , зи гули буи ту ояд
مرا، جانا، ز گل بوی تو آید
Ба бустон аз паии он буии гирдам
به بستان از پی آن بوی گردم
зи ман пурсӣ ки бар дар кистӣ ту
ز من پرسی که بر در کیستی تو
Сагами гирди сари он кӯй кардам
سگم گرد سر آن کوی کردم
з Кувайт бигузарам ,гар хоки гирдам
ز کویت بگذرم، گر خاک گردم
зи зулфати нгслм ,гар мӯии гирдам
ز زلفت نگسلم، گر موی گردم
Сабурии шаб маро мегуфт то чанд
صبوری شب مرا می گفت تا چند
Гурезон аз дарат ҳар сӯии гирдам
گریزان از درت هر سوی گردم
Дили хусрави ту дорӣ ,гар ҳамаи умр
دل خسرو تو داری، گر همه عمر
Ба гирди лолаи худрӯии гирдам
به گرد لاله خودروی گردم