Бибин ки боз ба дасти ту аўФтоди дилам
ببین که باز به دست تو اوفتاد دلم
Матоъи косади худро куҷои ниҳоди дилам ?
متاع کاسد خود را کجا نهاد دلم؟
Бгшти гирди сари зулфи некӯони чандон
بگشت گرد سر زلف نیکوان چندان
Ки хештанро чандон ба бод дод дилам
که خویشتن را چندان به باد داد دلم
Ба ҷой буд дилам то нишаста буд он зулф
به جای بود دلم تا نشسته بود آن زلف
Ба бод шуд , чу парешони биўФтоди дилам
به باد شد، چو پریشان بیوفتاد دلم
Ҳазор аҳди бкрдм ки нанигарам рӯйиш
هزار عهد بکردم که ننگرم رویش
Чу пеши чашм ман омад на истоди дилам
چو پیش چشم من آمد نه ایستاد دلم
Тамоми умри ман андари ғам ҷавонон рафт
تمام عمر من اندر غم جوانان رفت
Ки ҳеҷ гоҳ изоишон набӯд шоди дилам
که هیچ گاه ازایشان نبود شاد دلم
Бадаст сӯрати хубон назар набояд кард
بد است صورت خوبان نظر نباید کرد
Ки ёд дорад ин панд аз Авестоади дилам
که یاد دارد این پند از اوستاد دلم
Дилат ба нохушии рӯзгори сӯхтагон
دلت به ناخوشی روزگار سوختگان
Агар хушаст , ҳамаи умр хуш мабод дилам
اگر خوش است، همه عمر خوش مباد دلم
Аз онгаҳе ки шудам бо ту дӯстӣ , ҳаргиз
از آنگهی که شدم با تو دوستی، هرگز
зи дӯстон гузашта накард ёди дилам
ز دوستان گذشته نکرد یاد دلم
Намонад хусрави маҳрӯм , бахт агар ин аст
نماند خسرو محروم، بخت اگر این است
Зиҳии маҳол ки ёбад гуҳии муроди дилам
زهی محال که یابد گهی مراد دلم