Як шаб , эй моҳи ҷаҳони афрӯзи ман

یک شب، ای ماه جهان افروز من

Бар ман ой ва бош сбромўзи ман

بر من آی و باش صبرآموز من

Нест як зарраи турои дили гарме

نیست یک ذره ترا دل گرمیی

Гар чаҳ сад дили пухтаи гашт аз сӯзи ман

گر چه صد دل پخته گشت از سوز من

Аз чаҳ рӯзам шуд сияҳ , моно фитод

از چه روزم شد سیه، مانا فتاد

Сояи шабҳои ман бар рӯзи ман

سایه شبهای من بر روز من

Май даҳуми ҷон , бигузару нохуши ман

می دهم جان، بگذر و ناخوش من

Баҳри фардои муҳлати имрӯзи ман

بهر فردا مهلت امروز من

Гиряи ҳам бар ман шабихун ме кунад

گریه هم بر من شبیخون می کند

Хсрўо , байни лашкари фирӯзи ман

خسروا، بین لشکر فیروز من