Нест кушодаи чашми ман ҷуз ба хаёл рӯй ту
نیست گشاده چشم من جز به خیال روی تو
Баста кас нашуд дилами ҷуз ба шиканҷи мӯии ту
بسته کس نشد دلم جز به شکنج موی تو
Ҳар саҳарӣ чу бедилон оем ва бар ту бингарам
هر سحری چو بیدلان آیم و بر تو بنگرم
Аз пай онкӣ шуд марои фоли хуҷаста рӯй ту
از پی آنکه شد مرا فال خجسته روی تو
Пеши ман о ки соъатӣ бо ту магари дамии занам
پیش من آ که ساعتی با تو مگر دمی زنم
Зонка ба лаб расида шуд ҷонам аз орзӯии ту
زانکه به لب رسیده شد جانم از آرزوی تو
Дидаи ман зи некӯон рӯй ту ихтиёр кард
دیده من ز نیکوان روی تو اختیار کرد
Аз паии чашми захми ту кам нагарм ба сӯии ту
از پی چشم زخم تو کم نگرم به سوی تو
Мард чу хусрав аз ғамати буии вафои бадви расон
مرد چو خسرو از غمت بوی وفا بدو رسان
То ба василаи сабо зинда шавад ба буии ту
تا به وسیله صبا زنده شود به بوی تو