Бад-ӣни сифат ки туе дар замона , маъзӯрӣ
بدین صفت که تویی در زمانه، معذوری
Агар ба сӯрати зебои хеши мағрурӣ
اگر به صورت زیبای خویش مغروری
Дилам чу оинаи сӯрат параст шуд , чаҳ кунам ?
دلم چو آینه صورت پرست شد، چه کنم؟
Ба ҳар тараф ки назар мекунам ту манзурӣ
به هر طرف که نظر می کنم تو منظوری
Ба булбулон бирасонед то нафас назанед
به بلبلان برسانید تا نفس نزنید
Ки ғунчаи пои бурун май наад зи мастурӣ
که غنچه پای برون می نهد ز مستوری
Маро чу аз ту иҷозат ба зиндагонӣ нест
مرا چو از تو اجازت به زندگانی نیست
Ба зери пои ту ҷон май даҳум ба дастурӣ
به زیر پای تو جان می دهم به دستوری
Туро ки шавқ азизӣ насӯхт , кӣ доне ?
ترا که شوق عزیزی نسوخت، کی دانی؟
Ки чист бар дили хусрави зи доғи маҳҷӯрӣ
که چیست بر دل خسرو ز داغ مهجوری