Куҷои давлати васлаши орм ба даст
کجا دولت وصلش آرم به دست
Ки ҷузи бод чизе надорам ба даст
که جز باد چیزی ندارم به دست
Сари зулф ӯ то нагирад қарор
سر زلف او تا نگیرد قرار
Кӣ ояд дили биқрорм ба даст
کی آید دل بیقرارم به دست
Гуҳаш мефишонам сари худ ба пой
گهش می فشانم سر خود به پای
Чаҳ чора набӯд ихтиёрам ба даст
چه چاره نبود اختیارم به دست
Сар омад дарин орзӯи рӯзи ғам
سر آمد درین آرزو روز غم
Ки уфтад шабии зулфи ёрам ба даст
که افتد شبی زلف یارم به دست
На бад бар кафами бода бар ёди он
نه بد بر کفم باده بر یاد آن
Ки бодаст азуи ёдгорам ба даст
که باد است ازو یادگارم به دست
Бибозам сари хеш , хусрав , агар
ببازم سر خویش، خسرو، اگر
Гуҳии домани васлаши орм ба даст
گهی دامن وصلش آرم به دست