Барҳам бимонад дида , кас азон савори номад
برهم بماند دیده، کس ازان سوار نامد
Хабарии з худ надом ки хабари зёри номад
خبری ز خود ندام که خبر زیار نامد
Чаҳ кунам , агар чу наргис накунам сифеди дида
چه کنم، اگر چو نرگس نکنم سفید دیده
Ки з шох орзӯем ба ҷузи интизори номад
که ز شاخ آرزویم به جز انتظار نامد
Манам ва навой нола , шаби ҳиҷру рақси гиря
منم و نوای ناله، شب هجر و رقص گریه
Чаҳ кунам сурӯди шодӣ ки дили фигори номад
چه کنم سرود شادی که دل فگار نامد
Ба ниҳоли сабри умрии зи ду дида об додам
به نهال صبر عمری ز دو دیده آب دادم
Ту зи бахти шӯри ман байн ки киӣ ба бори номад
تو ز بخت شور من بین که کهی به بار نامد
Ба чаҳ бандами ин ду дида ки ду рахна бало шуд
به چه بندم این دو دیده که دو رخنه بلا شد
зи раҳи ту бо сабои ҳам қадре ғубори номад
ز ره تو با صبا هم قدری غبار نامد
Ба ҷафо магӯ диламро ки куҷо раседӣ ӣнҷо ?
به جفا مگو دلم را که کجا رسیدی اینجا؟
Ба каманди баради зулфат ки ба ихтиёри номад
به کمند برد زلفت که به اختیار نامد
Дили халқи пораи поранигарӣ зи нолши ман
دل خلق پاره پاره نگری ز نالش من
Ки ба ҷузи ҷароҳати дили зи фиғони зори номад
که به جز جراحت دل ز فغان زار نامد
Бишикаст қалби моро сафи кофарони ғамза
بشکست قلب ما را صف کافران غمزه
Ҳашами хирад равон шуд ки ба ҳеҷ кори номад
حشم خرد روان شد که به هیچ کار نامد
Ба дилам нишаста пайкон , мазан , эй ҳаким , таъна
به دلم نشسته پیکان، مزن، ای حکیم، طعنه
Ки туро ба пои нозуки хулае зи хори номад
که ترا به پای نازک خله ای ز خار نامد
На ки биҳдаҳи сети хусрав , дили рафтаи боз ҷустан
نه که بیهده ست خسرو، دل رفته باز جستن
Ки зи рафтагони он кӯи яке аз ҳазор номад
که ز رفتگان آن کو یکی از هزار نامد