Чашмат ки қасди ҷони ман нотавон кунад

چشمت که قصد جان من ناتوان کند

Гӯям макун ба қасди дил , ҳамон кунад

گویم مکن به قصد دل، همان کند

Мурғи дили ошиёна ба зулф ту ме кунад

مرغ دل آشیانه به زلف تو می کند

Чун тӯтӣӣ ки майл ба Ҳиндӯстон кунад

چون طوطیی که میل به هندوستان کند

Он кас ки мондаи бастаи савдои зулфи ту

آن کس که مانده بسته سودای زلف تو

Судаши ҳамин буд ки дилиро зиён кунад

سودش همین بود که دلی را زیان کند

Аз нардбони зулфи ту ҳрдм ба офтоб

از نردبان زلف تو هردم به آفتاب

Осон расад , валек шабӣ дар миён кунад

آسان رسد، ولیک شبی در میان کند

Шамъӣ ки пеш рӯй чу моҳи ту бар кунанд

شمعی که پیش روی چو ماه تو بر کنند

Аз теғ гарданаш бизанам ,гар забон кунад

از تیغ گردنش بزنم، گر زبان کند

Аз дасти дайр омадану зуди рафтанат

از دست دیر آمدن و زود رفتنت

Рӯзии ҳазор бори дили ман фиғон кунад

روزی هزار بار دل من فغان کند

Хусрав чу дар ту менарасад , борӣ ар ба лаб

خسرو چو در تو می نرسد، باری ار به لب

Дилро бар оби дидаи нишонд , равон кунад

دل را بر آب دیده نشاند، روان کند