То чини зулф бар рух дилдор нашканад
تا چین زلف بر رخ دلدار نشکند
Бозори ҳасану равнақ тотор нашканад
بازار حسن و رونق تاتار نشکند
Гар ёри бишиканади дили моро ҳазор бор
گر یار بشکند دل ما را هزار بار
Донам бад-ӣни қадар ки дил ёр нашканад
دانم بدین قدر که دل یار نشکند
Моро мабод тавбаи зи мастӣу ошиқӣ
ما را مباد توبه ز مستی و عاشقی
То ҷоми ишқу кӯза хумор нашканад
تا جام عشق و کوزه خمار نشکند
Зоҳид , чаро маломат мисатон кунӣ , бигӯ
زاهد، چرا ملامت مستان کنی، بگو
То аҳду тавбаи мардум ҳушёр нашканад
تا عهد و توبه مردم هشیار نشکند
Дар ошиқӣ дуруст набошад касе ки ӯ
در عاشقی درست نباشد کسی که او
Номӯси хеш бар сар бозор нашканад
ناموس خویش بر سر بازار نشکند
Бо зулфи тести аҳди дили мо ва зинҳор
با زلف تست عهد دل ما و زینهار
Дар гӯш ӯ бигӯӣ ки зинҳор нашканад
در گوش او بگوی که زنهار نشکند
Дар пои бӯси ёри зи ғавғои ошиқон
در پای بوس یار ز غوغای عاشقان
Сарҳо равад ки гӯша дастор нашканад
سرها رود که گوشه دستار نشکند
Гар об Хизр хонд лабатро хирад , чаҳ шуд ?
گر آب خضر خواند لبت را خرد، چه شد؟
Нархи гуҳар ба таън харидор нашканад
نرخ گهر به طعن خریدار نشکند
Хусрави зи зулфи ёри халосии тамаъи мадор
خسرو ز زلف یار خلاصی طمع مدار
То ин дили шикаста ба якбор нашканад
تا این دل شکسته به یکبار نشکند