Гуфт ба ҳоҷиб ки бшаҳи бози пўӣ

گفت به حاجب که بشه باز پوی

Хизмати ман гӯй ва пас онгаҳ бигӯӣ

خدمت من گوی و پس آنگه بگوی

Бо миннат аз баҳри таманнои малик

با منت از بهر تمنای ملک

Хом буд пухтани савдои малик

خام بود پختن سودای ملک

Пухтае охир ! дам хомон мазан

پخته‌ای آخر ! دم خامان مزن

Ман зтўи зодам ! на ту зодии змн

من زتو زادم! نه تو زادی زمن

Малик ба мироси наёбад касе

ملک به میراث نیابد کسی

То назанад теғи барояши басӣ

تا نزند تیغ برایش بسی

Нестам он Тифл ки дидӣ нахуст

نیستم آن طفل که دیدی نخست

Болиғи маликам ба балоғати дуруст

بالغ ملکم به بلاغت درست

Хирад махонам ки зи даври змн

خرد مخوانم که ز دور زمن

Дод худои даври бузургӣ ба ман

داد خدا دور بزرگی به من

Ҷузи ту касегар дами ин дар задӣ ,

جز تو کسی گر دم این در زدی ،

Сарзаниши теғи маниш сар задӣ

سرزنش تیغ منش سر زدی

Лек туе чун ба паии ин сарир

لیک تویی چون به پی این سریر

Ман надаҳум ,гар ту туоне бигир !

من ندهم ، گر تو توانی بگیر !