Субҳи содиқи ҳиҷоб сонеъ шуд
صبح صادق حجاب صانع شد
Зулф бар рӯй ёр монеъ шуд
زلف بر روی یار مانع شد
Шарҳи зулфу Рахши бдонстм
شرح زلف و رخش بدانستم
Дили дарвеши кон ҷомеъ шуд
دل درویش کان جامع شد
Ба мсмӣ куҷо расад ҳаргиз
به مسمی کجا رسد هرگز
Ҳар ки аз ваии босам қонеъ шуд
هر که از وی باسم قانع شد
Дар дили офтобу моҳи нигар
در دل آفتاب و ماه نگر
Лмъаҳ эй зон ҷамол ломъ шуд
لمعه ای زان جمال لامع شد
Ҳам з ҷон башнавад аноолҳқ ро
هم ز جان بشنود اناالحق را
Дил ки бикшод гӯш сомъ шуд
دل که بگشاد گوش سامع شد
Гуфт қул ё ибодии он ҳазрат
گفت قل یا عبادی آن حضرت
Васл ӯро ду кун томъ шуд
وصل او را دو کون طامع شد
Дид кӯҳии ҳақиқати дил ро
دید کوهی حقیقت دل را
Шаръро чун бҷон матомиъ шуд
شرع را چون بجان مطامع شد