Зулфати кушодаи анбари Сорои гиреҳи гиреҳ
زلفت گشاده عنبر سارا گره گره
Бар баст ва дод боди саборо гиреҳи гиреҳ
بر بست و داد باد صبا را گره گره
Гули лухти лухти ҷомаи биёади ту чок зад
گل لخت لخت جامه بیاد تو چاک زد
Бикшод ғунчаи банди қаборо гиреҳи гиреҳ
بگشاد غنچه بند قبا را گره گره
Май баст ва май кушоди баҳри ҷо ки ме расед
می بست و می گشاد بهر جا که می رسید
Сайлоби ашки дидаи моро гиреҳи гиреҳ
سیلاب اشک دیده ما را گره گره
Чун боди субҳи хуфтаи зи мардуми шаби дароз
چون باد صبح خفته ز مردم شب دراز
Рӯҳами кушодаи ҷаъди шуморо гиреҳи гиреҳ
روحم گشاده جعد شما را گره گره
Бигушо бичишам марҳамат эй подшоҳи ҳасан
بگشا بچشم مرحمت ای پادشاه حسن
Аз абрувони бастаи худоро гиреҳи гиреҳ
از ابروان بسته خدا را گره گره
Монанди қудамо ки чу чангем дар рукӯъ
مانند قدما که چو چنگیم در رکوع
Барҳами баланди зулфи ду торо гиреҳи гиреҳ
برهم بلند زلف دو تا را گره گره
Дар хизмати қабули ту ҷоруби вори ҷуст
در خدمت قبول تو جاروب وار جست
Бар бастаам миёни сафоро гиреҳи гиреҳ
بر بسته ام میان صفا را گره گره
Дар чини зулфи саркашат эй сарви глъзор
در چین زلف سرکشت ای سرو گلعذار
Холат ба басти боди саборо гиреҳи гиреҳ
خالت به بست باد صبا را گره گره
Зоҳиди бдонкаҳ аз зару сими ҷаҳонён
زاهد بدانکه از زر و سیم جهانیان
Монанди хоҷа нест гадоро гиреҳи гиреҳ
مانند خواجه نیست گدا را گره گره
Аз бим рустаему з умед фориғем
از بیم رسته ایم و ز امید فارغیم
Кӯҳӣ бибаст хавфу раҷоро гиреҳи гиреҳ
کوهی ببست خوف و رجا را گره گره