Чаҳ меҳр буд ки бсршти дӯст дар гули мо

چه مهر بود که بسرشت دوست در گل ما

Чаҳ ганҷ буд ки биниҳод ёр дар дили мо

چه گنج بود که بنهاد یار در دل ما

Ба дасти хеши чиҳил субҳи боғбони азал

به دست خویش چهل صبح باغبان ازل

Надид тухми гулӣ то накишт дар гули мо

ندید تخم گلی تا نکشت در گل ما

Чаҳ моҳ буд ки аз осмон фурӯд омад

چه ماه بود که از آسمان فرود آمد

Нишаст хуши мутамаккин ба бурҷу манзили мо

نشست خوش متمکن به برج و منزل ما

Малик ки буд ки афтод дар чаҳ Бобул

ملک که بود که افتاد در چه بابل

Чаҳ сҳрҳости дарин қаъри чоҳи Бобули мо

چه سحرهاست درین قعر چاه بابل ما

Чаҳ мавҷҳо ки паёпай ҳаме расад ҳар дам

چه موجها که پیاپی همی رسد هر دم

зи ҷӯшу ҷунбиши дарёӣ ӯ ба соҳили мо

ز جوش و جنبش دریای او به ساحل ما

Ҳазор нақш ба як лаҳза май пазиради дил

هزار نقش به یک لحظه می پذیرد دل

Бибин чаҳ нақш пазираст қалби қобили мо

ببین چه نقش پذیر است قلب قابل ما

Ба ҳар гиреҳ ки вай аз зулф хеш бигушоед

به هر گره که وی از زلف خویش بگشاید

Аз ӯ кушода шавад сад ҳазор мушкили мо

از او گشاده شود صد هزار مشکل ما

Агар зи ҳазрати моти орзӯии мақбулии сет

اگر ز حضرت مات آرزوی مقبولی ست

Биёу ҳиндӯии он шӯ ки ҳаст мқбли мо

بیا و هندوی آن شو که هست مقبل ما

Чу мағрибии назар аз нақш коинот бидӯз

چو مغربی نظر از نقش کاینات بدوز

Агар камол талаб мекунӣ зи комили мо

اگر کمال طلب می کنی ز کامل ما