Марои мунаҷҷими ҳаштод соли умри ниҳод
مرا منجم هشتاد سال عمر نهاد
зи умри дӯстии умеди ман бар он афзуд
ز عمر دوستی امید من بر آن افزود
Худоӣ донад ман дил дар ӯ наме бандам
خدای داند من دل در او نمی بندم
Ки боди паймӯди он кас ки осмони паймӯд
که باد پیمود آن کس که آسمان پیمود
Ту худ чунин гири охир на панҷа ва ду гузашт
تو خود چنین گیر آخر نه پنجه و دو گذشت
Ҳар ончии хуштар гетии зи умри ман брбўд
هر آنچه خوشتر گیتی ز عمر من بربود
Умеди хӯша чаҳ дорам дигар ки доси фано
امید خوشه چه دارم دگر که داس فنا
Ду бахши тоза аз гашти умри ман бадрӯд
دو بخش تازه از گشت عمر من بدرود
Фалаки бФрсўди он қӯти ҷавонии ман
فلک بفرسود آن قوت جوانی من
Чу заъф перӣ омад ндондши Фрсўд
چو ضعف پیری آمد نداندش فرسود