эй басои шаб ки то ба рӯзи сипед

ای بسا شب که تا به روز سپید

Мутаъаҷҷиби з ман бимонад ахтар

متعجب ز من بماند اختر

Ба чапу рост сайлҳо ронадам

به چپ و راست سیلها راندم

Ба қадаҳи зи он гудохтаи гавҳар

به قدح ز آن گداخته گوهر

Бо руху зулфи соқёни мо ро

با رخ و زلف ساقیان ما را

Ёди номади зи лолау ъбҳр

یاد نامد ز لاله و عبهر

Ба ҳам омехта шуд андари гӯш

به هم آمیخته شد اندر گوش

Нӯши соқӣу лаҳни хунёгар

نوش ساقی و لحن خنیاگر

Соғар май шуда ба ранг ва ба буи

ساغر می شده به رنگ و به بوی

Чашмро шамъу мағзро миҷмар

چشم را شمع و مغز را مجمر

Як замон шуд ба икдгри гуфтем

یک زمان شد به یکدگر گفتیم

Чу бидидем рӯй якдигар

چو بدیدیم روی یکدیگر

Тани зи мастӣ ҳаме напояд пой

تن ز مستی همی نپاید پای

Дили зи шодии ҳамеи براردи пар

دل ز شادی همی برآرد پر