Агар бихандад дар дасти ман қадаҳ на аҷаб
اگر بخندد در دست من قدح نه عجب
Ки бас гирист фаровон ба дасти ман шамшер
که بس گریست فراوان به دست من شمشیر
Ҳама ба оҳӯ монад зи ту ҷузи ангуштон
همه به آهو ماند ز تو جز انگشتان
Ки лаъл гаштаст аз акси ман чу панҷаи шер
که لعل گشتست از عکس من چو پنجهٔ شیر
Чу дасти ҳинои бастаи сети даст ар зангин
چو دست حنا بسته ست دست ار زنگین
Аз он надорӣ дар дасти хеши соғари зер
از آن نداری در دست خویش ساغر زیر
Агар чаҳ ҳастам ташна бе май ман аз кафи ту
اگر چه هستم تشنه بی می من از کف تو
Наме ситонам каз рӯй ту нигарадам сайр
نمی ستانم کز روی تو نگردم سیر
Аз онкии дасти ту бар ҷой ҷуръа гирад ҷом
از آنکه دست تو بر جای جرعه گیرد جام
Ба ҳирс дар кашами он ҷуръае ки монад зер
به حرص در کشم آن جرعه ای که ماند زیر