Тибтӣ мекунам мъозоллаҳ

طیبتی می کنم معاذالله

Аз паии хуррамии маҷлиси шоҳ

از پی خرمی مجلس شاه

Шоири ореи чунин буд густох

شاعر آری چنین بود گستاخ

Ки бигӯед сухан ба назми фарох

که بگوید سخن به نظم فراخ

Чун аз он маҷлиси биҳишти ойин

چون از آن مجلس بهشت آیین

Даврами афканди рӯзгори чунин

دورم افکند روزگار چنین

Ман дигар чора Эй надонам кард

من دگر چاره‌ای ندانم کرد

Дили азин навъи хуш тавонам кард

دل ازین نوع خوش توانم کرد

То фалакро ҳамеи мадор буд

تا فلک را همی مدار بود

Хокро андрўи қарор буд

خاک را اندرو قرار بود

Давлати шоҳи боди поянда

دولت شاه باد پاینده

Неъматаш ҳар замони физоянда

نعمتش هر زمان فزاینده

Мураккаби ҷоҳи зери рониши бод

مرکب جاه زیر رانش باد

Ҷони душмани фидои ҷонаши бод

جان دشمن فدای جانش باد

Рӯзгораш шудаи мусаххари бод

روزگارش شده مسخر باد

Давлаташи бандаи боду чокари бод

دولتش بنده باد و چاکر باد

Боди султону подшоҳи змн

باد سلطان و پادشاه زمن

Аз лақояш ба дидагони равшан

از لقایش به دیدگان روشن

То ба дил дар нишот ва шодӣ бошад

تا به دل در نشاط و شادی باد

Давлату малики ширзодии бод

دولت و ملک شیرزادی باد