Аштоди рӯзу тозаи зи гули бӯстон
اشتاد روز و تازه ز گل بوستان
эй дӯст май ситони зи кафи дӯстон
ای دوست می ستان ز کف دوستان
Дар бӯстон нишин ва май лаъли нӯш
در بوستان نشین و می لعل نوش
Зеро ки сабзи гашти ҳамаи бӯстон
زیرا که سبز گشت همه بوستان
Бар ком комгорем имрӯзи мо
بر کام کامگاریم امروز ما
Аз шоҳи комгори малики Арсалон
از شاه کامگار ملک ارسلان
эй соҳиби қирон ки набинад чу ту
ای صاحب قران که نبیند چو تو
Чашми сипеҳри гардуни соҳибқирон
چشم سپهر گردون صاحبقران
Дар даҳр то замонаи бпоид ба пой
در دهر تا زمانه بپاید به پای
Дар малик то сипеҳр бимонад бимон
در ملک تا سپهر بماند بمان