Чашми ту агар нест чу наргис чаҳ хурии ғам
چشم تو اگر نیست چو نرگس چه خوری غم
Бе дидаи басони самани тозаи шукуфтаи сет
بی دیده بسان سمن تازه شکفته ست
Аз бас ки дам сард задам дар ғами ту ман
از بس که دم سرد زدم در غم تو من
Зу ойӣнаи чашми ту зангори гирифтаи сет
زو آیینه چشم تو زنگار گرفته ست