Ту зоҳидӣ ва ду зулфи ту офтоби параст

تو زاهدی و دو زلف تو آفتاب پرست

Ба саҷдаед шумо ҳар ду даргау бегоҳ

به سجده اید شما هر دو درگه و بیگاه

Чаро ду чашми ту дебоӣ лаъл пӯшедаст

چرا دو چشم تو دیبای لعل پوشیدست

Агар напушанд эй дӯсти зоҳидии дебоа

اگر نپوشند ای دوست زاهدان دیباه

зи роҳи гумшударо зоҳидӣ ба роҳи оранд

ز راه گمشده را زاهدان به راه آرند

Ту бози мардум бо роҳро кунӣ бироаҳ

تو باز مردم با راه را کنی بیراه

Ту зоҳидии з чаҳ рӯйаст чашмаки ту дижам

تو زاهدی ز چه رویست چشمک تو دژم

Ту обидии з чаҳ муайянаст зулфаки ту ду тоа

تو عابدی ز چه معین است زلفک تو دو تاه

Замонаи теғи ғамон эйнигор бар дорад

زمانه تیغ غمان ای نگار بر دارد

з ҳар касе ки ба чанги оради он ду зулфи сиёҳ

ز هر کسی که به چنگ آرد آن دو زلف سیاه

Магар ки ҳаст бетаи ҳалқаҳои злФинт

مگر که هست بتا حلقه‌های زلفینت

Ҳуруфи ашҳади ани лои илоҳи алои аллоҳ

حروف اشهد ان لا اله الا الله