Қавлаи таъолӣ : бисмии аллоҳи арраҳмони арраҳими баноми худованди фарохи бахшоиши меҳрбон .
قوله تعالی: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمنِ الرَّحِیمِ بنام خداوند فراخ بخشایش مهربان.
Ва рбки Фкбр ( 3 ) худованди хешро бузурги дон .
وَ رَبَّکَ فَکَبِّرْ (۳) خداوند خویش را بزرگ دان.
ё أиҳои алмдср ( 1 ) эй ҷома дар хештан кашида .
یا أَیُّهَا الْمُدَّثِّرُ (۱) ای جامه در خویشتن کشیده.
Ва сёбки Фтҳр ( 4 ) ҷомаи хеши поки дор .
وَ ثِیابَکَ فَطَهِّرْ (۴) جامه خویش پاک دار.
Қуми Фأнзр ( 2 ) хезу мардумонро огоҳ кун .
قُمْ فَأَنْذِرْ (۲) خیز و مردمان را آگاه کن.
Ва алрҷзи Фоҳҷр ( 5 ) ва аз бадномии даврии ҷӯй .
وَ الرُّجْزَ فَاهْجُرْ (۵) و از بدنامی دوری جوی.
Ва лои тмнни тсткср ( 6 )у чизи мада то туро ба аз он диҳанд , сипос манеҳ бикрдори хеши бонкаҳи феъли хеши писандӣ ва онро фаровони дорӣ .
وَ لا تَمْنُنْ تَسْتَکْثِرُ (۶) و چیز مده تا ترا به از آن دهند، سپاس منه بکردار خویش بآنکه فعل خویش پسندی و آن را فراوان داری.
Ва лрбки Фосбр ( 7 ) ва аз баҳри худованди хеш шикебе кун .
وَ لِرَبِّکَ فَاصْبِرْ (۷) و از بهر خداوند خویش شکیبایی کن.
Фзлки иўмӣзи он рӯзи ҳни явми ъсир ( 9 ) рӯзӣ душвораст .
فَذلِکَ یَوْمَئِذٍ آن روز هن یَوْمٌ عَسِیرٌ (۹) روزی دشوار است.
Фإзои нқри фии алноқўр ( 8 ) он гуҳ ки дардманд дар сувар .
فَإِذا نُقِرَ فِی النَّاقُورِ (۸) آن گه که دردمند در صور.
Алии алкоФрини ғайри исир ( 10 ) бар кофарон на осонаст .
عَلَی الْکافِرِینَ غَیْرُ یَسِیرٍ (۱۰) بر کافران نه آسان است.
Зрнӣ ва ман хилқати вҳидо ( 11 ) гузори маро ва он мард ки ӯро бёФридм ва ӯ танҳо буд бекас ва бечиз .
ذَرْنِی وَ مَنْ خَلَقْتُ وَحِیداً (۱۱) گذار مرا و آن مرد که او را بیافریدم و او تنها بود بی کس و بی چیز.
Ва ҷаълати ?лаи молои ммдўдо ( 12 ) ва мол додам пайваста дар зиёдат ва бар афзӯнӣ .
وَ جَعَلْتُ لَهُ مالًا مَمْدُوداً (۱۲) و مال دادم پیوسته در زیادت و بر افزونی.
Ва Бенини шҳўдо ( 13 ) ва писарон додам пеш ӯ баҳам .
وَ بَنِینَ شُهُوداً (۱۳) و پسران دادم پیش او بهم.
Ва маҳдати ?лаи тмҳидо ( 14 ) ва ӯро меҳтарӣ додаму кори сохтам кори сохтанӣ
وَ مَهَّدْتُ لَهُ تَمْهِیداً (۱۴) و او را مهتری دادم و کار ساختم کار ساختنی
Сами итмъи أни أзид ( 15 ) ва он гуҳи бас меаўмид дорад ки то афзоем .
ثُمَّ یَطْمَعُ أَنْ أَزِیدَ (۱۵) و آن گه بس می اومید دارد که تا افزایم.
Куллан ниФзоими إнаҳи кони лоётнои ънидо ( 16 ) ӯ аз сухану пайғоми мо боз нишаст ва гардан кашид .
کَلَّا نیفزایم إِنَّهُ کانَ لِآیاتِنا عَنِیداً (۱۶) او از سخن و پیغام ما باز نشست و گردن کشید.
Сأрҳқаҳи съўдо ( 17 ) ореи фарои сар ӯ нишонами азобии саҳмгини сахт .
سَأُرْهِقُهُ صَعُوداً (۱۷) آری فرا سر او نشانم عذابی سهمگین سخت.
إнаҳи фикру қадар ( 18 ) ӯ дар андешеду бози андохт бо худ .
إِنَّهُ فَکَّرَ وَ قَدَّرَ (۱۸) او در اندیشید و باز انداخت با خود.
Фқтли Киеви қадар ( 19 ) бнФриднд ӯро чун бози андохт бо худ .
فَقُتِلَ کَیْفَ قَدَّرَ (۱۹) بنفریدند او را چون باز انداخت با خود.
Сами қатли Киеви қадар ( 20 )у бози нФриднд ӯро чун бози андохт бо худ .
ثُمَّ قُتِلَ کَیْفَ قَدَّرَ (۲۰) و باز نفریدند او را چون باز انداخت با خود.
Сами назар ( 21 ) сами ъбсу басар ( 22 ) пас нигараст
ثُمَّ نَظَرَ (۲۱) ثُمَّ عَبَسَ وَ بَسَرَ (۲۲) پس نگرست
Ва рӯй турш карду нохуш .
و روی ترش کرد و ناخوش.
Сами أдбру асткбр ( 23 ) ангаи пушти баргардонед ва гардан кашид .
ثُمَّ أَدْبَرَ وَ اسْتَکْبَرَ (۲۳) انگه پشت برگردانید و گردن کشید.
Фқоли إни ҳозои إлои саҳари иؤср ( 24 ) ва гуфт : ин нест магари ҷодуӣ ки аз касе май ва аз гӯйанд ва меомӯзанд .
فَقالَ إِنْ هذا إِلَّا سِحْرٌ یُؤْثَرُ (۲۴) و گفت: این نیست مگر جادویی که از کسی می و از گویند و میآموزند.
إни ҳозои إлои қавли албшр ( 25 ) нест ин магари қавли мардумон .
إِنْ هذا إِلَّا قَوْلُ الْبَشَرِ (۲۵) نیست این مگر قول مردمان.
Сأслиаҳи сқр ( 26 ) оре сӯхтанро бсқри расонем ӯро .
سَأُصْلِیهِ سَقَرَ (۲۶) آری سوختن را بسقر رسانیم او را.
Ва мо أдроки мо сқр ( 27 ) ва чаҳ доно кард туро ва чун неки доне ки сқр чист ?
وَ ما أَدْراکَ ما سَقَرُ (۲۷) و چه دانا کرد ترا و چون نیک دانی که سقر چیست؟
Лои тбқӣу лои тзр ( 28 ) на гӯшт гузорад носӯхта ва на устихон .
لا تُبْقِی وَ لا تَذَرُ (۲۸) نه گوشت گذارد ناسوخته و نه استخوان.
Лўоҳаҳи ллбшр ( 29 ) рӯйу пӯсту дасту пой сиёҳ мекунад ва май сӯзад .
لَوَّاحَةٌ لِلْبَشَرِ (۲۹) روی و پوست و دست و پای سیاه میکند و میسوزد.
Алайҳои тсъаҳи ъушр ( 30 ) бар тоўидни дӯзаху азоб кардани аҳли онро аз Фриштгони нӯздаҳ солораст .
عَلَیْها تِسْعَةَ عَشَرَ (۳۰) بر تاویدن دوزخ و عذاب کردن اهل آن را از فریشتگان نوزده سالار است.
Ва мо ҷълнои أсҳоби алнори إлои малоикау дӯзахи созони ҷуз аз Фриштгон наёфаридем ва мо ҷълнои ъдтҳм ва ин шумораи нӯздаҳ эшон накардем . إлои фитнаи ллзини кФрўои магари шўронидни дили ногрўидгонро . Листиқни аллазӣнаи أўтўои алкитоб то бегмон гирданд эшон ки эшонро таврот доданд . Ва издоди аллазӣнаи омнўои إимоно ( 31 )у муъмини бипазирад то бар имон имон афзоед . Ва лои иртоби аллазӣнаи أўтўои алкитобу алмؤмнўн ( 32 ) ва на таврот хононро гумон монад ва на қуръон хононроу лиқўли аллазӣнаи фии қлўбҳми маразу алкоФрўн ва то мунофиқон бемордилон гӯйанду ногрўидгони мо зои أроди аллоҳи бҳзои Маслан ( 33 ) ин сухан бар чаҳ сонаст ки аллоҳ мегуяд кзлки изли аллоҳи ман ишоءу иҳдии ман ишоءи ореи чунон гумроҳ кунад онро ки хоҳаду роҳи намояди онро ки хоҳад . Ва мо иълми ҷунуди рбки إлои ҳўу шумори сипоҳи худованди ту ҷуз аз худованд ту надонад . Ва мо ҳаии إлои зикрии ллбшр ( 34 ) ва нест дӯзаху сухани он магари панди мардумонро .
وَ ما جَعَلْنا أَصْحابَ النَّارِ إِلَّا مَلائِکَةً و دوزخ سازان جز از فریشتگان نیافریدیم وَ ما جَعَلْنا عِدَّتَهُمْ و این شماره نوزده ایشان نکردیم. إِلَّا فِتْنَةً لِلَّذِینَ کَفَرُوا مگر شورانیدن دل ناگرویدگان را. لِیَسْتَیْقِنَ الَّذِینَ أُوتُوا الْکِتابَ تا بیگمان گردند ایشان که ایشان را تورات دادند. وَ یَزْدادَ الَّذِینَ آمَنُوا إِیماناً (۳۱) و مؤمن بپذیرد تا بر ایمان ایمان افزاید. وَ لا یَرْتابَ الَّذِینَ أُوتُوا الْکِتابَ وَ الْمُؤْمِنُونَ (۳۲) و نه تورات خوانان را گمان ماند و نه قرآن خوانان را وَ لِیَقُولَ الَّذِینَ فِی قُلُوبِهِمْ مَرَضٌ وَ الْکافِرُونَ و تا منافقان بیماردلان گویند و ناگرویدگان ما ذا أَرادَ اللَّهُ بِهذا مَثَلًا (۳۳) این سخن بر چه سان است که اللَّه میگوید کَذلِکَ یُضِلُّ اللَّهُ مَنْ یَشاءُ وَ یَهْدِی مَنْ یَشاءُ آری چنان گمراه کند آن را که خواهد و راه نماید آن را که خواهد. وَ ما یَعْلَمُ جُنُودَ رَبِّکَ إِلَّا هُوَ و شمار سپاه خداوند تو جز از خداوند تو نداند. وَ ما هِیَ إِلَّا ذِکْری لِلْبَشَرِ (۳۴) و نیست دوزخ و سخن آن مگر پند مردمان را.
« куллан » баростӣ ки на чунонаст ки эшон мигўинду алқмр ( 35 )
«کَلَّا» براستی که نه چنانست که ایشان میگویند وَ الْقَمَرِ (۳۵)
Ва аллили إзи أдбр ( 36 ) бмоаҳу бшби торик ки аз пас рӯз меояд .
وَ اللَّیْلِ إِذْ أَدْبَرَ (۳۶) بماه و بشب تاریک که از پس روز میآید.
Ва алсбҳи إзои أсФр ( 37 )у бомдод ки равшан шавад .
وَ الصُّبْحِ إِذا أَسْفَرَ (۳۷) و بامداد که روشن شود.
إнҳои лإҳдии алкбр ( 38 ) бойени савгандон ки дӯзах аз бузургҳоу мҳинҳо якеаст .
إِنَّها لَإِحْدَی الْکُبَرِ (۳۸) باین سوگندان که دوزخ از بزرگها و مهینها یکی است.
Нзирои ллбшр ( 39 ) бими намӯдании мардумонро .
نَذِیراً لِلْبَشَرِ (۳۹) بیم نمودنی مردمان را.
Лмни шоءи мнкм ҳар касро ки хоҳад аз шумо أни итқдми أўи итأхр ( 40 ) ҳар ки пои фарои пеш наад ё пой бо пас наад .
لِمَنْ شاءَ مِنْکُمْ هر کس را که خواهد از شما أَنْ یَتَقَدَّمَ أَوْ یَتَأَخَّرَ (۴۰) هر که پای فرا پیش نهد یا پای با پس نهد.
Кули нафаси бмои касбати рҳинаҳ ҳар тании бикради хеш гаравгонаст .
کُلُّ نَفْسٍ بِما کَسَبَتْ رَهِینَةٌ هر تنی بکرد خویش گروگان است.
Аз дӯзахён .
از دوزخیان.
إлои أсҳоби алимин ( 41 ) магари асҳоби рости даст .
إِلَّا أَصْحابَ الْیَمِینِ (۴۱) مگر اصحاب راست دست.
Мо слккми фии сқр ( 43 ) чаҳ чизи шуморо дар дӯзах кард .
ما سَلَکَکُمْ فِی سَقَرَ (۴۳) چه چیز شما را در دوزخ کرد.
Фии ҷиноти эшон дар биҳиштҳоианд итсоءлўни ани алмҷрмин ( 42 ) май пурсанад
فِی جَنَّاتٍ ایشان در بهشتهایاند یَتَساءَلُونَ عَنِ الْمُجْرِمِینَ (۴۲) می پرسند
Қолўо лам нак ман алмслин ( 44 ) гӯйанд : мо аз намоз гарон набудем .
قالُوا لَمْ نَکُ مِنَ الْمُصَلِّینَ (۴۴) گویند: ما از نماز گران نبودیم.
Ва лам нак натаъм алмскин ( 45 )у дарвешро таом надодем .
وَ لَمْ نَکُ نُطْعِمُ الْمِسْکِینَ (۴۵) و درویش را طعام ندادیم.
Ва кно нахавз маъаи алхоӣзин ( 46 ) ва бо худовандони ботил дар ботили мирФтим .
وَ کُنَّا نَخُوضُ مَعَ الْخائِضِینَ (۴۶) و با خداوندان باطل در باطل میرفتیم.
Ва кно накизб биўми аддӣн ( 47 )у рӯзи шумори дурӯғ зан мегирифтем .
وَ کُنَّا نُکَذِّبُ بِیَوْمِ الدِّینِ (۴۷) و روز شمار دروغ زن میگرفتیم.
Ҳатто أтонои алиқин ( 48 ) он гуҳ ки кӣ бегумон бмо омад .
حَتَّی أَتانَا الْیَقِینُ (۴۸) آن گه که کی بی گمان بما آمد.
Фмои тнФъҳми шФоъаҳи алшоФъин ( 49 ) фардо суд надорад эшонро шафоати шафоати хоҳон .
فَما تَنْفَعُهُمْ شَفاعَةُ الشَّافِعِینَ (۴۹) فردا سود ندارد ایشان را شفاعت شفاعت خواهان.
Фмои ?лаами ани алтзкраҳи маъразин ( 50 ) чаҳ раседаст эшонро ки аз чунин панд рӯй гардонида доранд
فَما لَهُمْ عَنِ التَّذْکِرَةِ مُعْرِضِینَ (۵۰) چه رسیدست ایشان را که از چنین پند روی گردانیده دارند
Кأнҳми ҳмри мстнФраҳ ( 51 ) гӯйии хроннди рмонидаҳу трсонидаҳ
کَأَنَّهُمْ حُمُرٌ مُسْتَنْفِرَةٌ (۵۱) گویی خرانند رمانیده و ترسانیده
Фарати ман қсўраҳ ( 52 ) ки аз шери гурехта ё дар дашт аз сайёди гурехта .
فَرَّتْ مِنْ قَسْوَرَةٍ (۵۲) که از شیر گریخته یا در دشت از صیاد گریخته.
Бали ириди кул амрӣ манеҳам балки мехоҳад ҳар яке аз мушрикони Қурайши أни иؤтии сҳФои мншраҳ ( 53 ) ки биболин ҳар яке нома Эй бунаанд кушодау меҳри баргирифта .
بَلْ یُرِیدُ کُلُّ امْرِئٍ مِنْهُمْ بلکه میخواهد هر یکی از مشرکان قریش أَنْ یُؤْتی صُحُفاً مُنَشَّرَةً (۵۳) که ببالین هر یکی نامهای بنهند گشاده و مهر برگرفته.
« куллан » набӯд ва накунанд ин бали лои ихоФўни алохраҳ ( 53 ) балки эшон аз растохез наметарсанд .
«کَلَّا» نبود و نکنند این بَلْ لا یَخافُونَ الْآخِرَةَ (۵۳) بلکه ایشان از رستاخیز نمیترسند.
Куллан إнаҳи тазкираи баростӣ ки ин панд доданӣаст ва дар ёд доданӣ .
کَلَّا إِنَّهُ تَذْکِرَةٌ براستی که این پند دادنی است و در یاد دادنی.
Фмни шоءи зикра ( 54 ) то ҳар ки хоҳад онро ёд дорад ва ёд кунад .
فَمَنْ شاءَ ذَکَرَهُ (۵۴) تا هر که خواهد آن را یاد دارد و یاد کند.
Ва мо изкрўни إлои أни ишоءи аллоҳ ва ёд накунанд ва ёд надоранд магар ки аллоҳ хоҳад , ҳўи أҳли алтқўӣ ӯ биҷой онаст ва сазоӣ онаст ки бипарҳезанд аз маъсият ӯу أҳли алмғФраҳ ( 55 ) ва биҷой онаст ва сазоӣ онаст ки биёмурзад ӯро ки маъсият кунад .
وَ ما یَذْکُرُونَ إِلَّا أَنْ یَشاءَ اللَّهُ و یاد نکنند و یاد ندارند مگر که اللَّه خواهد، هُوَ أَهْلُ التَّقْوی او بجای آنست و سزای آنست که بپرهیزند از معصیت او وَ أَهْلُ الْمَغْفِرَةِ (۵۵) و بجای آنست و سزای آنست که بیامرزد او را که معصیت کند.