Қавлаи таъолӣ : бисмии аллоҳи арраҳмони арраҳими баноми худованди фарохи бахшоиши меҳрбон
قوله تعالی: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمنِ الرَّحِیمِ بنام خداوند فراخ بخشایش مهربان
ФолъосФоти ъсФо ( 2 ) хоссаи он боди сахти киштии шикан .
فَالْعاصِفاتِ عَصْفاً (۲) خاصّه آن باد سخت کشتی شکن.
Ва алмрслоти урафо ( 1 ) ббодҳои фурӯи кушодаи паёпаии пайваста .
وَ الْمُرْسَلاتِ عُرْفاً (۱) ببادهای فرو گشاده پیاپی پیوسته.
Ва алношроти ншро ( 3 )у бФриштгони он кросаҳи гушояндагони хонданро .
وَ النَّاشِراتِ نَشْراً (۳) و بفریشتگان آن کراسه گشایندگان خواندن را.
ФолФорқоти Фрқо ( 4 ) хоссаи эшон ки пайғоми худоӣ бар пайғомбарон худоӣ меафкананд миёни ҳақу ботил .
فَالْفارِقاتِ فَرْقاً (۴) خاصّه ایشان که پیغام خدای بر پیغامبران خدای میافکنند میان حقّ و باطل.
Фолмлқёти зкро ( 5 )у хоссаи он Фриштгон ки қуръон меафкананд бар дилу гӯши пайғомбарон .
فَالْمُلْقِیاتِ ذِکْراً (۵) و خاصّه آن فریشتگان که قرآن میافکنند بر دل و گوش پیغامبران.
Узрои أўи нзро ( 6 ) узри бози намӯданроу огоҳ карданро .
عُذْراً أَوْ نُذْراً (۶) عذر باز نمودن را و آگاه کردن را.
إнмои тўъдўни лўоқъ ( 7 ) ки ончии шуморо метарс диҳанд , баростӣ ки бӯданӣаст .
إِنَّما تُوعَدُونَ لَواقِعٌ (۷) که آنچه شما را میترس دهند، براستی که بودنی است.
Фإзои алнҷўми тмст ( 8 ) он гоҳ ки ситорагони равшаноӣ он бистаранд .
فَإِذَا النُّجُومُ طُمِسَتْ (۸) آن گاه که ستارگان روشنایی آن بسترند.
Ва إзои алсмоءи фараҷат ( 9 ) ва он гуҳ ки осмон бигушоӣанд ва бишкофанд .
وَ إِذَا السَّماءُ فُرِجَتْ (۹) و آن گه که آسمان بگشایند و بشکافند.
Ва إзо алҷбол насуфт ( 10 ) ва он гуҳ ки кӯҳҳо аз бехи бркннду брўоннд .
وَ إِذَا الْجِبالُ نُسِفَتْ (۱۰) و آن گه که کوهها از بیخ برکنند و بروانند.
Ва إзои алрсли أқтт ( 11 ) ва он гуҳ ки пайғамбаронро бар ҳангомӣ ҳозир кунанд .
وَ إِذَا الرُّسُلُ أُقِّتَتْ (۱۱) و آن گه که پیغمبران را بر هنگامی حاضر کنند.
Лأии явми أҷлт ( 12 ) ва чаҳ рӯзроу ҳангомро ҳозир кунанд .
لِأَیِّ یَوْمٍ أُجِّلَتْ (۱۲) و چه روز را و هنگام را حاضر کنند.
Лиўми алФсл ( 13 ) рӯзи доварӣ бар кушоданро .
لِیَوْمِ الْفَصْلِ (۱۳) روز داوری بر گشادن را.
Ва мо أдроки мо явми алФсл ( 14 ) ва чаҳ чизи туро доно кард ки рӯзи доварии бргшодн чаҳ рӯзаст ?
وَ ما أَدْراکَ ما یَوْمُ الْفَصْلِ (۱۴) و چه چیز ترا دانا کرد که روز داوری برگشادن چه روزست؟
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 15 ) ?вили он рӯз ҳар дурӯғи зани гиронро бони рӯз .
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۱۵) ویل آن روز هر دروغ زن گیران را بآن روز.
أи лами нҳлки алأўлин ( 16 ) на пешинёнроу падарони эшонро табоҳ ва нест кардему миронидим ?
أَ لَمْ نُهْلِکِ الْأَوَّلِینَ (۱۶) نه پیشینیان را و پدران ایشان را تباه و نیست کردیم و میرانیدیم؟
Сами нтбъҳми алохрин ( 17 ) ва он гуҳи пасинонро бмрги пас эшон мебарем .
ثُمَّ نُتْبِعُهُمُ الْآخِرِینَ (۱۷) و آن گه پسینان را بمرگ پس ایشان میبریم.
Кзлк нафеъл болмҷрмин ( 18 ) ҳам чунон кунем бо ин бидон пас эшон мебарем .
کَذلِکَ نَفْعَلُ بِالْمُجْرِمِینَ (۱۸) هم چنان کنیم با این بدان پس ایشان میبریم.
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 19 ) ?вили он рӯзи дурӯғи зани гиронро .
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۱۹) ویل آن روز دروغ زن گیران را.
أи лами нхлқкми ман моءи маин ( 20 ) на шуморо аз обии нангин ва хор офаридем ?
أَ لَمْ نَخْلُقْکُمْ مِنْ ماءٍ مَهِینٍ (۲۰) نه شما را از آبی ننگین و خوار آفریدیم؟
Фҷълноаҳи фии қарори макин ( 21 ) он обро ороми додем дар оромгоҳӣ наҳуфт .
فَجَعَلْناهُ فِی قَرارٍ مَکِینٍ (۲۱) آن آب را آرام دادیم در آرامگاهی نهفت.
إлии қадари маълум ( 22 ) то бондозаҳ эй донистау ҳангомӣ номзад карда .
إِلی قَدَرٍ مَعْلُومٍ (۲۲) تا باندازهای دانسته و هنگامی نامزد کرده.
« Фқдрно » андоза андоза ниҳодем Фнъми алқодрўн ( 23 ) неки муқаддар ки моӣим .
«فَقَدَرْنا» اندازه اندازه نهادیم فَنِعْمَ الْقادِرُونَ (۲۳) نیک مقدّر که مائیم.
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 24 ) ?вили он рӯзи дурӯғи зани гиронро .
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۲۴) ویل آن روز دروغ زن گیران را.
أ лам наҷаъл алأрзи кФото ( 25 ) заминро ниҳон доранда накардем , то май пӯшад .
أَ لَمْ نَجْعَلِ الْأَرْضَ کِفاتاً (۲۵) زمین را نهان دارنده نکردیم، تا میپوشد.
أҳёءу أмўото ( 26 ) зиндагонроу мурдагонро .
أَحْیاءً وَ أَمْواتاً (۲۶) زندگان را و مردگان را.
Ва ҷълнои фӣҳо рўосии шомихот ва на дар он кӯҳҳои баланд гарон офаридем .
وَ جَعَلْنا فِیها رَواسِیَ شامِخاتٍ و نه در آن کوههای بلند گران آفریدیم.
Ва أсқинокми моءи Фрото ( 27 ) ва на шуморо обии додеми хуши гўорндаҳи ошомӣданӣ .
وَ أَسْقَیْناکُمْ ماءً فُراتاً (۲۷) و نه شما را آبی دادیم خوش گوارنده آشامیدنی.
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 28 ) ?вили он рӯзи дурӯғи зани гиронро .
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۲۸) ویل آن روز دروغ زن گیران را.
Антлқўои إлии мо кантам ба ткзбўн ( 29 ) раведи бончаҳ медурӯғ шимурдед .
انْطَلِقُوا إِلی ما کُنْتُمْ بِهِ تُکَذِّبُونَ (۲۹) روید بآنچه می دروغ شمردید.
Антлқўои раведи ҳин إлии зилли зии слоси шуъаб ( 30 ) бсоиаҳи се шох .
انْطَلِقُوا روید هین إِلی ظِلٍّ ذِی ثَلاثِ شُعَبٍ (۳۰) بسایه سه شاخ.
Лои злил на бози пўшндаҳ ва на хунаку лои иғнии ман аллҳб ( 31 ) ва на бози дорандаи туфу забонаи оташ .
لا ظَلِیلٍ نه باز پوشنده و نه خنک وَ لا یُغْنِی مِنَ اللَّهَبِ (۳۱) و نه باز دارنده تف و زبانه آتش.
إнҳои термии бшрри колқср ( 32 ) меандозад он забонаи оташ ҳар барзае чун кӯшкӣ .
إِنَّها تَرْمِی بِشَرَرٍ کَالْقَصْرِ (۳۲) میاندازد آن زبانه آتش هر برزهای چون کوشکی.
Кأнаҳи ҷамолати сифр ( 33 ) гӯйӣ ки шутурон сиёҳанд .
کَأَنَّهُ جِمالَتٌ صُفْرٌ (۳۳) گویی که شتران سیاهاند.
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 34 ) ?вили он рӯзи дурӯғи зани гиронро .
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۳۴) ویل آن روز دروغ زن گیران را.
Ҳозои явми лои интқўн ( 35 ) он он рӯзаст ки ҳечкас сухан нагӯяд .
هذا یَوْمُ لا یَنْطِقُونَ (۳۵) آن آن روزست که هیچکس سخن نگوید.
Ва лои иؤзни ?лаами Фиътзрўн ( 36 ) ва дастурӣ ндиҳанд эшонро то ҷурми хеш бҳҷт бапушанд ва узр диҳанд .
وَ لا یُؤْذَنُ لَهُمْ فَیَعْتَذِرُونَ (۳۶) و دستوری ندهند ایشان را تا جرم خویش بحجّت بپوشند و عذر دهند.
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 37 ) ?вили он рӯзи дурӯғи зани гиронро .
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۳۷) ویل آن روز دروغ زن گیران را.
Ҳозои явми алФсли эшонро гӯйанд ин рӯзи доварӣ бргшоднаст .
هذا یَوْمُ الْفَصْلِ ایشان را گویند این روز داوری برگشادن است.
Ҷмънокму алأўлин ( 38 ) шуморо бо ҳам оварадем ва эшонро ки пеш аз шумо буданд .
جَمَعْناکُمْ وَ الْأَوَّلِینَ (۳۸) شما را با هم آوردیم و ایشان را که پیش از شما بودند.
Фإни кон лакам кед Фкидўн ( 39 ) агар шуморо дастонеаст ? бисозед , ё созӣ тавонед ? бо ман пеш оред !
فَإِنْ کانَ لَکُمْ کَیْدٌ فَکِیدُونِ (۳۹) اگر شما را دستانی است؟ بسازید، یا سازی توانید؟ با من پیش آرید!
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 40 ) ?вили он рӯзи дурӯғи зани гиронро .
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۴۰) ویل آن روز دروغ زن گیران را.
إн аламтқин фии зилолу ъиўн ( 41 ) парҳезгорон дар соя ҳоанд пои чашмаҳо .
إِنَّ الْمُتَّقِینَ فِی ظِلالٍ وَ عُیُونٍ (۴۱) پرهیزگاران در سایههااند پای چشمهها.
Ва Фўокаҳи ммои иштҳўн ( 42 )у миваҳо аз ҳар чаҳ орзӯ кунанд .
وَ فَواکِهَ مِمَّا یَشْتَهُونَ (۴۲) و میوهها از هر چه آرزو کنند.
Клўоу ашрбўои михўриду миошомиди ҳниӣои бмои кантами тъмлўн ( 43 ) гўорндаҳи боду нӯши бони кирдори некӯ ки дар дунё мекардед .
کُلُوا وَ اشْرَبُوا میخورید و میآشامید هَنِیئاً بِما کُنْتُمْ تَعْمَلُونَ (۴۳) گوارنده باد و نوش بآن کردار نیکو که در دنیا میکردید.
إнои кзлки нҷзии алмҳснин ( 44 ) мо подоши чунин диҳеми некӯкорон ро
إِنَّا کَذلِکَ نَجْزِی الْمُحْسِنِینَ (۴۴) ما پاداش چنین دهیم نیکوکاران را
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 45 ) ?вили он рӯзи бдрўғи зани гирон .
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۴۵) ویل آن روز بدروغ زن گیران.
Клўоу тмтъўои қлилои михўрид ва бархӯрдор бошед рӯзгории андаки إнкми мҷрмўн ( 46 ) ки шумо бади крдоронид .
کُلُوا وَ تَمَتَّعُوا قَلِیلًا میخورید و برخوردار باشید روزگاری اندک إِنَّکُمْ مُجْرِمُونَ (۴۶) که شما بد کردارانید.
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 47 ) ?вили он рӯзи бдрўғи зани гирон
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۴۷) ویل آن روز بدروغ زن گیران
Ва إзои қили ?лаами аркъўо ва чун эшонро гӯйанд : намоз кунед лои иркъўн намоз накунанд .
وَ إِذا قِیلَ لَهُمُ ارْکَعُوا و چون ایشان را گویند: نماز کنید لا یَرْکَعُونَ نماز نکنند.
?вили иўмӣзи ллмкзбин ( 49 ) ?вили он рӯзи дурӯғи зани гиронро .
وَیْلٌ یَوْمَئِذٍ لِلْمُکَذِّبِینَ (۴۹) ویل آن روز دروغ زن گیران را.
Фбأии ҳадиси баъдаи иؤмнўн ( 50 ) бкдоми сухани пас ин қуръон ки бон нмигрўнд бихоҳанд гаравид ?
فَبِأَیِّ حَدِیثٍ بَعْدَهُ یُؤْمِنُونَ (۵۰) بکدام سخن پس این قرآن که بآن نمیگروند بخواهند گروید؟