Қавлаи таъолӣ : бисмии аллоҳи арраҳмони арраҳими баноми худованди фарохи бахшоиши меҳрбон

قوله تعالی: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمنِ الرَّحِیمِ بنام خداوند فراخ‌بخشایش مهربان‌

Алзии ҳам фӣаи мхтлФўн ( 3 ) он хабар ки дарави мухталиф шудаанд , .

الَّذِی هُمْ فِیهِ مُخْتَلِفُونَ (۳) آن خبر که درو مختلف شده‌اند،.

Ъам итсоءлўн ( 1 ) аз чаҳ чизи чандин май пурсанад ?

عَمَّ یَتَساءَلُونَ (۱) از چه چیز چندین می‌پرسند؟

Куллан сиълмўн ( 4 ) баростӣ ки огоҳ шаванд .

کَلَّا سَیَعْلَمُونَ (۴) براستی که آگاه شوند.

Ани алнбإи алъзим ( 2 ) туро аз он хабари бузург май пурсанад !

عَنِ النَّبَإِ الْعَظِیمِ (۲) ترا از آن خبر بزرگ می‌پرسند!

Сам куллан сиълмўн ( 5 ) ва аз баростӣ ки огоҳ шаванд .

ثُمَّ کَلَّا سَیَعْلَمُونَ (۵) و از براستی که آگاه شوند.

أ лам наҷаъл алأрзи мҳодо ( 6 ) на мо ин заминро оромгоҳ шумо кардем .

أَ لَمْ نَجْعَلِ الْأَرْضَ مِهاداً (۶) نه ما این زمین را آرامگاه شما کردیم.

Ва алҷболи أўтодо ( 7 )у кӯҳҳоро мех ҳо кардем .

وَ الْجِبالَ أَوْتاداً (۷) و کوه‌ها را میخ‌ها کردیم.

Ва хлқнокми أзўоҷо ( 8 ) ва шуморо ҷуфт ҷуфт офаридем марду зан .

وَ خَلَقْناکُمْ أَزْواجاً (۸) و شما را جفت جفت آفریدیم مرد و زن.

Ва ҷълнои нўмкми сбото ( 9 )у хоби шумо шуморо осўдн кардем .

وَ جَعَلْنا نَوْمَکُمْ سُباتاً (۹) و خواب شما شما را آسودن کردیم.

Ва ҷълнои аллили лбосо ( 10 )у шаби торик бар шумо пӯшедем .

وَ جَعَلْنَا اللَّیْلَ لِباساً (۱۰) و شب تاریک بر شما پوشیدیم.

Ва ҷълнои алнҳори мъошо ( 11 )у рӯзи равшани зяши шумороу ҷҳондории шуморо ҳангом сохтем .

وَ جَعَلْنَا النَّهارَ مَعاشاً (۱۱) و روز روشن زیش شما را و جهانداری شما را هنگام ساختیم.

Ва бнинои Фўқкми сбъои шдодо ( 12 )у зӯри шумо ҳафт осмони сахти аўроштим .

وَ بَنَیْنا فَوْقَکُمْ سَبْعاً شِداداً (۱۲) و زور شما هفت آسمان سخت اوراشتیم.

Ва ҷълнои сроҷои вҳоҷо ( 13 )у офтоби шуморо чароғии фурӯзон сӯзон кардем .

وَ جَعَلْنا سِراجاً وَهَّاجاً (۱۳) و آفتاب شما را چراغی فروزان سوزان کردیم.

Ва أнзлнои ман алмъсрот ва фурӯ фиристодем аз меғҳои пари оби моءи сҷоҷо ( 14 ) обии резон .

وَ أَنْزَلْنا مِنَ الْمُعْصِراتِ و فرو فرستادیم از میغ‌های پر آب ماءً ثَجَّاجاً (۱۴) آبی ریزان.

Лнхрҷ ба то аз замини беруни орем ба он ҳбоу нбото ( 15 ) донаҳоу рустаҳо ки аз замини раведи мардумроу сутурро .

لِنُخْرِجَ بِهِ تا از زمین بیرون آریم به‌آن حَبًّا وَ نَباتاً (۱۵) دانه‌ها و رسته‌ها که از زمین روید مردم را و ستور را.

Ва ҷиноти أлФоФо ( 16 )у рузону миўстонҳои анбӯҳи ҳангуфт .

وَ جَنَّاتٍ أَلْفافاً (۱۶) و رزان و میوستان‌های انبوه هنگفت.

إни явми алФсли кони миқото ( 17 ) рӯзи доварии ҳангом аллоҳаст бо халқ .

إِنَّ یَوْمَ الْفَصْلِ کانَ مِیقاتاً (۱۷) روز داوری هنگام اللَّه است با خلق.

Явми инФхи фии алсўри он рӯз ки дар дманд дар сувар .

یَوْمَ یُنْفَخُ فِی الصُّورِ آن روز که در دَمند در صور.

Фтأтўни أФўоҷо ( 18 ) то меойед шумо ҷўқи ҷўқи гуруҳи гуруҳ .

فَتَأْتُونَ أَفْواجاً (۱۸) تا می‌آیید شما جوق جوق گروه گروه.

Ва фатҳати алсмоءи Фконти أбўобо ( 19 ) ва боз гушойанд осмонро дар дар .

وَ فُتِحَتِ السَّماءُ فَکانَتْ أَبْواباً (۱۹) و باز گشایند آسمان را در در.

Ва сирати алҷболу кӯҳҳоро фаро рафтани оранд , то замин аз он тиҳӣ гардад .

وَ سُیِّرَتِ الْجِبالُ و کوه‌ها را فرا رفتن آرند، تا زمین از آن تهی گردد.

Фконти сробо ( 20 ) чунон ки азуи кӯри оби товад .

فَکانَتْ سَراباً (۲۰) چنان که ازو کور آب تاود.

Ллтоғини мобо ( 22 ) кофаронро бозгаштан гоҳаст .

لِلطَّاغِینَ مَآباً (۲۲) کافران را بازگشتن گاه است.

إни ҷаҳаннами канти мрсодо ( 21 ) дӯзах гузаргоҳаст .

إِنَّ جَهَنَّمَ کانَتْ مِرْصاداً (۲۱) دوزخ گذرگاه است.

Лобсини фӣҳо أҳқобо ( 23 ) бимонанд андари он ҷой , солҳои бешумор .

لابِثِینَ فِیها أَحْقاباً (۲۳) بمانند اندر آن جای‌، سال‌های بی‌شمار.

Лои изўқўни фӣҳо брдоу лои шробо ( 24 ) начишанд дар он на хоб ва на об .

لا یَذُوقُونَ فِیها بَرْداً وَ لا شَراباً (۲۴) نچشند در آن نه خواب و نه آب.

إлои ҳмимоу ғсоқо ( 25 ) магари обии гарму хунобае сард .

إِلَّا حَمِیماً وَ غَسَّاقاً (۲۵) مگر آبی گرم و خونابه‌ای سرد.

Ҷзоءи вФоқо ( 26 ) подошӣ дар хури кирдор .

جَزاءً وِفاقاً (۲۶) پاداشی در خور کردار.

إнҳми конўои лои ирҷўни ҳсобо ( 27 ) эшон наметарсиданд аз шумори он рӯз .

إِنَّهُمْ کانُوا لا یَرْجُونَ حِساباً (۲۷) ایشان نمی‌ترسیدند از شمار آن روز.

Ва кзбўои боётнои кзобо ( 28 ) ва дурӯғ шимурданд суханони моро дурӯғ шумурданӣ .

وَ کَذَّبُوا بِآیاتِنا کِذَّاباً (۲۸) و دروغ شمردند سخنان ما را دروغ شمردنی.

Ва кули шайъи ءи أҳсиноаҳи ктобо ( 29 )у ҳамаи чиз дар лавҳ башмурдаему пайвастаи навиштанӣ .

وَ کُلَّ شَیْ‌ءٍ أَحْصَیْناهُ کِتاباً (۲۹) و همه چیز در لوح بشمرده‌ایم و پیوسته نوشتنی.

Фзўқўо ва чашид Флни нзидкми إлои ъзобо ( 30 )у нФзоиими шуморо магари азобу гирифторӣ .

فَذُوقُوا و چشید فَلَنْ نَزِیدَکُمْ إِلَّا عَذاباً (۳۰) و نفزاییم شما را مگر عذاب و گرفتاری.

إни ллмтқини мФозо ( 31 ) парҳезгоронро растан гоҳеаст ҷои пирӯзӣ .

إِنَّ لِلْمُتَّقِینَ مَفازاً (۳۱) پرهیزگاران را رستن‌گاهی است جای پیروزی.

Ва кўоъби أтробо ( 33 )у канизакони ҳам болои ҳам осои ҳам зод .

وَ کَواعِبَ أَتْراباً (۳۳) و کنیزکان هم‌بالا هم‌آسا هم‌زاد.

Ҳадоъиқу أънобо ( 32 ) дарахти ситонҳо бо дару девору рузон бо ангурҳо .

حَدائِقَ وَ أَعْناباً (۳۲) درخت‌ستان‌ها با در و دیوار و رزان با انگور‌ها.

Ва кأсои дҳоқо ( 34 )у ҷомҳои шароби пайвастаи дамодам .

وَ کَأْساً دِهاقاً (۳۴) و جام‌های شراب پیوسته دمادم.

Лои исмъўни фӣҳо лғўо нашунаванд дар он сарои нофарҷому лои кзобо ( 35 ) ва на дурӯғи зан гирифтани каси касро .

لا یَسْمَعُونَ فِیها لَغْواً نشنوند در آن سرای نافرجام وَ لا کِذَّاباً (۳۵) و نه دروغ‌زن گرفتن کس کس را.

Ҷзоءи ман рбки подош аз худованди ту ътоءи ҳсобо ( 36 ) бахшидаи басанда

جَزاءً مِنْ رَبِّکَ پاداش از خداوند تو عَطاءً حِساباً (۳۶) بخشیده بسنده‌

Раби алсмоўоту алأрзи худованди осмонҳоу заминҳо ва мо бинҳмоу ончии миён ҳар ду арраҳмони ном ӯ рҳмни ло имлкўн манеҳ хтобо ( 37 ) азу бар ҳеҷ суханӣ на подшоҳанд .

رَبِّ السَّماواتِ وَ الْأَرْضِ خداوند آسمان‌ها و زمین‌ها وَ ما بَیْنَهُمَا و آنچه میان هر دو الرَّحْمنِ نام او رحمن لا یَمْلِکُونَ مِنْهُ خِطاباً (۳۷) ازو بر هیچ سخنی نه پادشاه‌اند.

Явми иқўми алрўҳи он рӯз ки рӯҳи бпои истаду алмлоӣкаҳи сафоу Фриштгони сафии лои итклмўни ҳеҷ сухани нгўинди إлои ман أзни ?лаи арраҳмони магар касе ки дастурӣ диҳад рҳмн ӯроу қоли сўобо ( 38 ) ва ончӣ гуяд рост гуяду бчм .

یَوْمَ یَقُومُ الرُّوحُ آن روز که روح بپای ایستد وَ الْمَلائِکَةُ صَفًّا و فریشتگان صفی لا یَتَکَلَّمُونَ هیچ سخن نگویند إِلَّا مَنْ أَذِنَ لَهُ الرَّحْمنُ مگر کسی که دستوری دهد رحمن او را وَ قالَ صَواباً (۳۸) و آنچه گوید راست گوید و بچم.

Злки алиўм алҳақ он рӯзаст бӯдании Фмни шоء ҳар ки хоҳад пас он пайғому панди атхзи إлии рабаи мобо ( 39 ) ба худованди хеш роҳӣ гираду бози гаштан гоҳе .

ذلِکَ الْیَوْمُ الْحَقُّ آن روزست بودنی فَمَنْ شاءَ هر که خواهد پس آن پیغام و پند اتَّخَذَ إِلی‌ رَبِّهِ مَآباً (۳۹) به خداوند خویش راهی گیرد و باز گشتن گاهی.

Анои أнзрнокми ъзобои қрибо ( 40 ) шуморо огоҳ кардем ва бим намудем аз азобии наздик .

انا أَنْذَرْناکُمْ عَذاباً قَرِیباً (۴۰) شما را آگاه کردیم و بیم نمودیم از عذابی نزدیک.

Явми инзри алмрءи мо қидмати идоаҳи он рӯз ки менигарад мардуми фарои кирдори хеш , иқўли алкоФр ва ногиравида гуяд : аи литнии канти тробо ( 41 ) кошки ман хок будамӣ , кошки ман хоки гштмӣ .

یومَ یَنْظُرُ الْمَرْءُ ما قَدَّمَتْ یَداهُ‌ آن روز که می‌نگرد مردم فرا کردار خویش، یَقُولُ الْکافِرُ و ناگرویده گوید:ا لَیْتَنِی کُنْتُ تُراباً (۴۱) کاشک من خاک بودمی، کاشک من خاک گشتمی.