Қавлаи таъолӣ : бисмии аллоҳи арраҳмони арраҳими баноми худованди фарохи бахшоиши меҳрбон .
قوله تعالی: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمنِ الرَّحِیمِ بنام خداوند فراخ بخشایش مهربان.
Ва алнозъоти ғрқо ( 1 ) савгандаст бсторгони шитобону ҳамвори равон то он гуҳ ки дар чашмаи мағриб фурӯ шаванд .
وَ النَّازِعاتِ غَرْقاً (۱) سوگند است بستارگان شتابان و هموار روان تا آن گه که در چشمه مغرب فرو شوند.
Ва алноштоти ншто ( 2 ) бсторгон ки аз машриқ дар мигирнд ва мераванд то бмғрб расанд .
وَ النَّاشِطاتِ نَشْطاً (۲) بستارگان که از مشرق در میگیرند و میروند تا بمغرب رسند.
Ва алсобҳоти сбҳо ( 3 )у бсторгони равон ки дар фалак дар мавҷ ашноў мекунанд .
وَ السَّابِحاتِ سَبْحاً (۳) و بستارگان روان که در فلک در موج اشناو میکنند.
Фолсобқоти сбқо ( 4 )у бсторгон ки дар рафтан бар якдигар пешӣ мекунанд .
فَالسَّابِقاتِ سَبْقاً (۴) و بستارگان که در رفتن بر یکدیگر پیشی میکنند.
Явми трҷФи алроҷФаҳ ( 6 ) он рӯз ки биҷунбад замин ҷунбиданӣ .
یَوْمَ تَرْجُفُ الرَّاجِفَةُ (۶) آن روز که بجنبد زمین جنبیدنی.
Фолмдброти أмро ( 5 ) бФрштгон ки бФрмон корҳо месозанд ва боз меандозанд .
فَالْمُدَبِّراتِ أَمْراً (۵) بفرشتگان که بفرمان کارها میسازند و باز میاندازند.
Татаббуъҳо алродФаҳ ( 7 ) ва бар паии он истади пасина омаданӣ .
تَتْبَعُهَا الرَّادِفَةُ (۷) و بر پی آن ایستد پسینه آمدنی.
Қулӯби иўмӣзи воҷФаҳ ( 8 ) дилҳоиаст он рӯзи тарснда ва ларзанда .
قُلُوبٌ یَوْمَئِذٍ واجِفَةٌ (۸) دلهای است آن روز ترسنده و لرزنده.
أбсорҳои хошиъа ( 9 ) чашмҳои эшон Фрўшдаҳи хорӣ дар он пайдо ,у фурӯи шикаста аз бим дар дидаи нигарон .
أَبْصارُها خاشِعَةٌ (۹) چشمهای ایشان فروشده خواری در آن پیدا، و فرو شکسته از بیم در دیده نگران.
Иқўлўни мигўинд : أи إнои лмрдўдўни фии алҳоФраҳ ( 10 ) бош моро бо ҳамон зиндагонӣ хоҳанд барад ки нахуст доштем .
یَقُولُونَ میگویند: أَ إِنَّا لَمَرْدُودُونَ فِی الْحافِرَةِ (۱۰) باش ما را با همان زندگانی خواهند برد که نخست داشتیم.
أи إзои кнои ъзомои нхраҳ ( 11 ) бош моро дар гӯр кунанд , бо зиндагонӣ хоҳанд баради он гуҳ ки устихон гирдем ризидаҳ .
أَ إِذا کُنَّا عِظاماً نَخِرَةً (۱۱) باش ما را در گور کنند، با زندگانی خواهند برد آن گه که استخوان گردیم ریزیده.
Қолўои тлки إзои караи хосраҳ ( 12 ) чунин мигўинд ки : пас он бозгаштии бас бо зиён корӣаст ва бояд омад .
قالُوا تِلْکَ إِذاً کَرَّةٌ خاسِرَةٌ (۱۲) چنین میگویند که: پس آن بازگشتی بس با زیان کاری است و باید آمد.
Фإнмои ҳаии заҷраи воҳида ( 13 ) акнӯн пас чунинаст як овозаст .
فَإِنَّما هِیَ زَجْرَةٌ واحِدَةٌ (۱۳) اکنون پس چنین است یک آواز است.
Фإзои ҳам болсоҳраҳ ( 14 ) ки эшонро бони овоз бо ҳомӯн растохез ронанд .
فَإِذا هُمْ بِالسَّاهِرَةِ (۱۴) که ایشان را بآن آواز با هامون رستاخیز رانند.
Ҳилли أтоки ҳадиси Мӯсо ( 15 ) омад бтў ва расед қиссаи Мӯсои бтў ?
هَلْ أَتاکَ حَدِیثُ مُوسی (۱۵) آمد بتو و رسید قصّه موسی بتو؟
إзи нодоаҳи рабаи он гуҳ ки хонд худованд ӯ ӯро болўоди алмуқаддаси бони водӣ пок кардау боФрини тўӣ ( 16 ) ном ӯ тўӣ .
إِذْ ناداهُ رَبُّهُ آن گه که خواند خداوند او او را بِالْوادِ الْمُقَدَّسِ بآن وادی پاک کرده و بآفرین طُویً (۱۶) نام او طوی.
Азҳби إлии фиръавни إнаҳи тғӣ ( 17 ) шӯ ба фиръавни шӯ ки ӯ сар кашид нҳмор .
اذْهَبْ إِلی فِرْعَوْنَ إِنَّهُ طَغی (۱۷) شو به فرعون شو که او سر کشید نهمار.
Фқли гӯй ӯро ҳилли лаки إлии أни тзкӣ ( 18 ) аўФтдт ки поку ҳунарии шӯй , ?
فَقُلْ گوی او را هَلْ لَکَ إِلی أَنْ تَزَکَّی (۱۸) اوفتدت که پاک و هنری شوی، ؟
Ва أҳдики إлии рбки Фтхшӣ ( 19 )у роҳи намоями турои биллоҳ то бишносӣ ва ӯро бадоне ва аз ӯ битарсӣ .
وَ أَهْدِیَکَ إِلی رَبِّکَ فَتَخْشی (۱۹) و راه نمایم ترا باللّه تا بشناسی و او را بدانی و از او بترسی.
Фأроаҳи алоиаҳи алкбрӣ ( 20 ) бова намӯд он нишони маин .
فَأَراهُ الْآیَةَ الْکُبْری (۲۰) باو نمود آن نشان مهین.
Сами أдбри исъӣ ( 22 ) пас он гуҳи баргашти бнҳиби пеши боз .
ثُمَّ أَدْبَرَ یَسْعی (۲۲) پس آن گه برگشت بنهیب پیش باز.
Фкзбу ъсӣ ( 21 ) дурӯғ зан гирифт ва сар кашид .
فَکَذَّبَ وَ عَصی (۲۱) دروغ زن گرفت و سر کشید.
Фҳшри Фнодӣ ( 23 ) сипоҳи ҷодӯон гирд кард ва овоз дод .
فَحَشَرَ فَنادی (۲۳) سپاه جادوان گرد کرد و آواز داد.
Фқоли أнои рбкми алأълӣ ( 24 ) ва гуфт : манам худованди бартарин шумо .
فَقالَ أَنَا رَبُّکُمُ الْأَعْلی (۲۴) و گفت: منم خداوند برترین شما.
Фأхзаҳ аллоҳ накол алохраҳу алأўлӣ ( 25 ) бигирифт аллоҳ ӯро бъқўбти сухани пасину сухани пешин .
فَأَخَذَهُ اللَّهُ نَکالَ الْآخِرَةِ وَ الْأُولی (۲۵) بگرفت اللَّه او را بعقوبت سخن پسین و سخن پیشین.
إни фии злки лъбраҳи лмни ихшӣ ( 26 ) дарин пандӣу фарои пӯшида дӣданӣаст ӯро ки савоби шиносаду тарсад .
إِنَّ فِی ذلِکَ لَعِبْرَةً لِمَنْ یَخْشی (۲۶) درین پندی و فرا پوشیده دیدنی است او را که صواب شناسد و ترسد.
أи أнтми أшди хлқои أми алсмоءи шумо сахт тареду душвортар дар илми шумо бар офаридагор , дар офариниш ё осмон ? банноҳо ( 27 ) офаридагори онро барафрошт ва бе сутуни бардошт .
أَ أَنْتُمْ أَشَدُّ خَلْقاً أَمِ السَّماءُ شما سخت ترید و دشوارتر در علم شما بر آفریدگار ، در آفرینش یا آسمان؟ بَناها (۲۷) آفریدگار آن را برافراشت و بی ستون برداشت.
Рафъи смкҳои кози он боло дод . Фсўоҳо ( 28 ) ва онро рост карду роғ .
رَفَعَ سَمْکَها کاز آن بالا داد. فَسَوَّاها (۲۸) و آن را راست کرد و راغ.
Ва أғтши лайлҳо ва торик кард шаби он . Ва أхрҷи зҳоҳо ( 29 ) ва берун оварад рӯзи он .
وَ أَغْطَشَ لَیْلَها و تاریک کرد شب آن. وَ أَخْرَجَ ضُحاها (۲۹) و بیرون آورد روز آن.
Ва алأрзи баъди злки дҳоҳо ( 30 )у заминро пас он паҳн боз кашид .
وَ الْأَرْضَ بَعْدَ ذلِکَ دَحاها (۳۰) و زمین را پس آن پهن باز کشید.
أхрҷи минҳо берун оварад аз замини моءҳоу мръоҳои оби ону гёзору чарогоҳи он .
أَخْرَجَ مِنْها بیرون آورد از زمین ماءَها وَ مَرْعاها آب آن و گیازار و چراگاه آن.
Ва алҷболи أрсоҳо ( 32 )у кӯҳҳоро бар замин фурӯ гузошту заминро бон бар ҷои бдошт .
وَ الْجِبالَ أَرْساها (۳۲) و کوهها را بر زمین فرو گذاشت و زمین را بآن بر جای بداشت.
Мтоъои лакаму лأнъомкм ( 33 ) никўдории шумороу чаҳорпоёни шуморо .
مَتاعاً لَکُمْ وَ لِأَنْعامِکُمْ (۳۳) نیکوداری شما را و چهارپایان شما را.
Фإзои ҷоءти алтомаҳи алкбрӣ ( 34 ) он рӯз ки доҳиаҳ маин биафтад .
فَإِذا جاءَتِ الطَّامَّةُ الْکُبْری (۳۴) آن روز که داهیه مهین بیفتد.
Явми итзкри алإнсони мо саъй ( 35 ) он рӯз ки мардумро ёд ояд ҳар чаҳ дар дунё кард .
یَوْمَ یَتَذَکَّرُ الْإِنْسانُ ما سَعی (۳۵) آن روز که مردم را یاد آید هر چه در دنیا کرد.
Ва брзти алҷҳими лмни ирӣ ( 36 )у бҳомўни оранди дӯзахи нгрндаҳро .
وَ بُرِّزَتِ الْجَحِیمُ لِمَنْ یَری (۳۶) و بهامون آرند دوزخ نگرنده را.
Фأмои ман тғӣ ( 37 ) аммо он кас ки сар кашид ва нопокӣ кард .
فَأَمَّا مَنْ طَغی (۳۷) امّا آن کس که سر کشید و ناپاکی کرد.
Ва осри алҳёҳи алднё ( 38 ) ва ин ҷаҳонро гузид ва инро биҷои он дигар бипасандед .
وَ آثَرَ الْحَیاةَ الدُّنْیا (۳۸) و این جهان را گزید و این را بجای آن دیگر بپسندید.
Фإни алҷҳими ҳаии алмأўӣ ( 39 ) оташ ӯро ҷойгоҳасту бози гаштани гоҳ .
فَإِنَّ الْجَحِیمَ هِیَ الْمَأْوی (۳۹) آتش او را جایگاه است و باز گشتن گاه.
Ва أмои ман хоФи мақоми раба ва аммо ӯ ки аз истодани гоҳи пеши худоӣ хеш битарсед ва наҳй алнФси ани алҳўӣ ( 40 )у хештанро аз боист набоистӣ боз зад .
وَ أَمَّا مَنْ خافَ مَقامَ رَبِّهِ و امّا او که از ایستادن گاه پیش خدای خویش بترسید وَ نَهَی النَّفْسَ عَنِ الْهَوی (۴۰) و خویشتن را از بایست نبایستی باز زد.
Фإни алҷнаҳи ҳаии алмأўӣ ( 41 ) биҳишт ӯро ҷойгоҳасту бози гаштани гоҳ .
فَإِنَّ الْجَنَّةَ هِیَ الْمَأْوی (۴۱) بهشت او را جایگاه است و باز گشتن گاه.
Исӣлўнки ани алсоъаҳ май пурсанади туро аз растохез . أёни мрсоҳо ( 42 ) ки кӣаст ҳангом пайдо кард он ва овардан он ?
یَسْئَلُونَکَ عَنِ السَّاعَةِ میپرسند ترا از رستاخیز. أَیَّانَ مُرْساها (۴۲) که کی است هنگام پیدا کرد آن و آوردن آن؟
Фӣами أнти ман зкроҳо ( 43 ) ту дар чаҳ эй аз ёди он ва ки эй ту бадонаши ҳангоми он ?
فِیمَ أَنْتَ مِنْ ذِکْراها (۴۳) تو در چهای از یاد آن و کهای تو بدانش هنگام آن؟
إлии рбки мунтаҳоҳо ( 44 ) бози гашту саранҷом донистани ҳангоми растохез бо худоӣ туаст .
إِلی رَبِّکَ مُنْتَهاها (۴۴) باز گشت و سرانجام دانستن هنگام رستاخیز با خدای تو است.
إнмои أнти мунзари ман ихшоҳо ( 45 ) ту трсонндаҳу огоҳкунанда ӯ эй ки бон гиравидааст ва аз он май тарсад .
إِنَّما أَنْتَ مُنْذِرُ مَنْ یَخْشاها (۴۵) تو ترساننده و آگاه کننده او ای که بآن گرویده است و از آن میترسد.
Кأнҳми явми ирўнҳои гӯйии эшон он рӯз ки растохези бенанду кори он , лами илбсўои إлои ъшиаҳи أўи зҳоҳо ( 46 ) дар дунёи набуданд ва диранг накарданд магари шабонгоҳӣ .
کَأَنَّهُمْ یَوْمَ یَرَوْنَها گویی ایشان آن روز که رستاخیز بینند و کار آن، لَمْ یَلْبَثُوا إِلَّا عَشِیَّةً أَوْ ضُحاها (۴۶) در دنیا نبودند و درنگ نکردند مگر شبانگاهی.