Қавлаи таъолӣ : бисмии аллоҳи арраҳмони арраҳими баноми худованди фарохи бахшоиши меҳрбон .

قوله تعالی: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمنِ الرَّحِیمِ بنام خداوند فراخ بخشایش مهربان.

Ва алнҳори إзои таҷаллӣ ( 2 )у буруз ки равшан гардаду пайдо .

وَ النَّهارِ إِذا تَجَلَّی (۲) و بروز که روشن گردد و پیدا.

Ва аллили إзои иғшӣ ( 1 ) бшб ки дар сари ҷаҳонёни даройад .

وَ اللَّیْلِ إِذا یَغْشی‌ (۱) بشب که در سر جهانیان درآید.

Ва мо халқи аззикру алأнсӣ ( 3 ) боФринши нару мода .

وَ ما خَلَقَ الذَّکَرَ وَ الْأُنْثی‌ (۳) بآفرینش نر و ماده.

إни съикми лштӣ ( 4 ) ки кирдори шумо бас парокандаасту дўродўр аз якдигар .

إِنَّ سَعْیَکُمْ لَشَتَّی (۴) که کردار شما بس پراکنده است و دورادور از یکدیگر.

Фأмои ман أътӣ аммо он кас ки аз тану моли хеш ҳақ бидоду атқӣ ( 5 ) ва бипарҳезед .

فَأَمَّا مَنْ أَعْطی‌ امّا آن کس که از تن و مال خویش حقّ بداد وَ اتَّقی‌ (۵) و بپرهیزید.

Ва сидқи болҳснӣ ( 6 )у ваъдаи некӯ устувор дошт .

وَ صَدَّقَ بِالْحُسْنی‌ (۶) و وعده نیکو استوار داشت.

Фснисраҳи ллисрӣ ( 7 ) оре ӯро сохта кунему осон .

فَسَنُیَسِّرُهُ لِلْیُسْری‌ (۷) آری او را ساخته کنیم و آسان.

Ва أмои ман бухлу астғнӣ ( 8 ) ва аммо он ки даст фурӯ гирифт ва худро бениёз дид .

وَ أَمَّا مَنْ بَخِلَ وَ اسْتَغْنی‌ (۸) و امّا آن که دست فرو گرفت و خود را بی‌نیاز دید.

Ва кизби болҳснӣ ( 9 )у ваъдаро дурӯғи шимурд .

وَ کَذَّبَ بِالْحُسْنی‌ (۹) و وعده را دروغ شمرد.

Фснисраҳи ллъсрӣ ( 10 ) оре сохта кунему осони кори роҳи дӯзах ӯро .

فَسَنُیَسِّرُهُ لِلْعُسْری‌ (۱۰) آری ساخته کنیم و آسان کار راه دوزخ او را.

Ва мо иғнии анҳу мола ва чаҳ суд дорад ва чаҳ бакор ояд ӯро мол ӯ ? إзои трдӣ ( 11 ) он гоҳ ки басар дар дӯзах уфтад !

وَ ما یُغْنِی عَنْهُ مالُهُ و چه سود دارد و چه بکار آید او را مال او؟ إِذا تَرَدَّی (۱۱) آن گاه که بسر در دوزخ افتد!

إни ълинои ллҳдӣ ( 12 ) бар мости огоҳ кардан .

إِنَّ عَلَیْنا لَلْهُدی‌ (۱۲) بر ماست آگاه کردن.

Ва إни лнои ллохраҳу алأўлӣ ( 13 ) ва мо рости он гетӣ ва ин гетӣ .

وَ إِنَّ لَنا لَلْآخِرَةَ وَ الْأُولی‌ (۱۳) و ما راست آن گیتی و این گیتی.

Фأнзрткм огоҳ кардем шуморо норо тлзӣ ( 14 ) аз оташии забонаи занон .

فَأَنْذَرْتُکُمْ آگاه کردیم شما را ناراً تَلَظَّی (۱۴) از آتشی زبانه زنان.

Ло ислоҳо насузад бони إлои алأшқӣ ( 15 ) .

لا یَصْلاها نسوزد بآن إِلَّا الْأَشْقَی (۱۵).

Алзии кизбу тўлӣ ( 16 ) магари он бадбахт ки дурӯғ зан гирифту баргашт .

الَّذِی کَذَّبَ وَ تَوَلَّی (۱۶) مگر آن بدبخت که دروغ‌زن گرفت و برگشت.

Ва сиҷнбҳо ва аз оташ давр карда омад алأтқӣ ( 17 ) он парҳезгор .

وَ سَیُجَنَّبُهَا و از آتش دور کرده آمد الْأَتْقَی (۱۷) آن پرهیزگار.

Алзии иؤтии молаи он ки мол хеш медиҳад итзкӣ ( 18 ) бони покӣу ҳунарӣу некӯ номӣ меҷӯяд

الَّذِی یُؤْتِی مالَهُ آن که مال خویش می‌دهد یَتَزَکَّی (۱۸) بآن پاکی و هنری و نیکو نامی میجوید

Ва мо лأҳди ъндаҳ ман наамма ва нест ҳечкасро бнздик ӯ дастии тҷзӣ ( 19 ) ки онро подош мебояд кард .

وَ ما لِأَحَدٍ عِنْدَهُ مِنْ نِعْمَةٍ و نیست هیچکس را بنزدیک او دستی تُجْزی‌ (۱۹) که آن را پاداش میباید کرد.

إлои абтғоءи ваҷҳи рабаи алأълӣ ( 20 ) магар ҷустани хушнӯдии худои хешро он бартари бузургвортар .

إِلَّا ابْتِغاءَ وَجْهِ رَبِّهِ الْأَعْلی‌ (۲۰) مگر جستن خشنودی خدای خویش را آن برتر بزرگوارتر.

Ва лсўФи ирзӣ ( 21 )у оре хушнӯд гардад .

وَ لَسَوْفَ یَرْضی‌ (۲۱) و آری خشنود گردد.