Боз омаду зи арбадаи шармандаи ранг буд

باز آمد و ز عربده شرمنده رنگ بود

Моил ба оштӣу пушаймони зи ҷанг буд

مایل به آشتیّ و پشیمان ز جنگ بود

эй ҳасрат аз дилам бирав имрӯз , кони гузашт

ای حسرت از دلم برو امروز، کان گذشت

Кин хон танги айш бар умеди танг буд

کاین خوان تنگ عیش بر امید تنگ بود

Охири кабӯтари ҳарам илтифот шуд

آخر کبوتر حرم التفات شد

Мурғи дилам ки бози ситамро ба чанг буд

مرغ دلم که باز ستم را به چنگ بود

Аз шиша софтар шуд ва аз муми нармтар

از شیشه صافتر شد و از موم نرمتر

Он дил ки шишаи дили моро чу санг буд

آن دل که شیشه دل ما را چو سنگ بود

Шукри худои насиб эй нигоҳ шуд

شکر خدا نصیب همای نگاه شد

Ин мушти устихон ки нишони хаданг буд

این مشت استخوان که نشان خدنگ بود