Буридам аз ҳамаи пайванд ва бар ту дили бастам
بریدم از همه پیوند و بر تو دل بستم
Ба меҳр рӯй ту бо меҳру моҳи пайвастам
به مهر روی تو با مهر و ماه پیوستم
Марои зи соғари абрӯяти ончунон шӯр ӣ сет
مرا ز ساغر ابرویت آنچنان شوریست
Ки бе тамаллуқи соқии харобу сармастам
که بی تملق ساقی خراب و سرمستم
Ки офтоби ҷамол ту дид ва об нашуд ?
که آفتاب جمال تو دید و آب نشد؟
Савоб нест ки бо ҳастӣ ту ман ҳастам
صواب نیست که با هستی تو من هستم
Бпои бӯс ту дорам сиррӣ вале бе мағз
بپای بوس تو دارم سری ولی بی مغز
Дареғ аз инки ҷузи ин бар наёяд аз дастам
دریغ از اینکه جز این بر نیاید از دستم
Раҳо нашуд зи ту тирӣ ки бар дилам нанишаст
رها نشد ز تو تیری که بر دلم ننشست
Ба хоки пои ту савганди нози он шастам
به خاک پای تو سوگند ناز آن شستم
Ба гирди кӯии ту гирд аз вуҷӯд ман бархест
به گرد کوی تو گرد از وجود من برخاست
Агарчӣ нест шудам лек бози нншстм
اگرچه نیست شدم لیک باز ننشستم
Ба ҷустуҷӯии даҳонат ки чашма нӯш аст
به جستجوی دهانت که چشمۀ نوش است
Дар аввалин қадам аз ҷӯии зиндагии ҷустам
در اولین قدم از جوی زندگی جستم
Сар ар зи лутфи ту аз фарқ Фрқдон бигузашт
سر ار ز لطف تو از فرق فرقدان بگذشت
Вале зи қаҳри ту тараф кулоҳ нишкастам
ولی ز قهر تو طرف کلاه نشکستم
Гар илтифот набошад туро ба ман чаҳ аҷаб
گر التفات نباشد ترا به من چه عجب
Ту шоҳбози баланди ошён ва ман пастам
تو شاهباز بلند آشیان و من پستم
Ба ростӣ ба ту орост мФтқри худ ро
بهراستی به تو آراست مفتقر خود را
Набӯдӣ ар ту ман ар хештан наме рустам
نبودی ار تو من ار خویشتن نمیرستم