Ба умед рӯй дилдори зи обрӯи гузаштам
به امید روی دلدار ز آبرو گذشتم
Ба ҳавои суҳбати ёри зҳоиу ҳўи гузаштам
به هوای صحبت یار ز های و هو گذشتم
зи сиришки чашму хунобаи дилнигор бастам
ز سرشک چشم و خونابۀ دل نگار بستم
зи хати изору холи лабу рангу бӯи гузаштам
ز خط عذار و خال لب و رنگ و بو گذشتم
Бкмнди мшгмўён шудаам асири лекин
بکمند مشگمویان شده ام اسیر لیکن
Бдлоўрӣу ҳиммати зи миёни мӯи гузаштам
بدلاوری و همت ز میان مو گذشتم
На чу Хизри сари бсҳр аз даҳам бҷстҷўит
نه چو خضر سر بصحر از ده ام بجستجویت
Ки зи ҷӯии зиндагӣ низ биҷустҷу гузаштам
که ز جوی زندگی نیز بجستجو گذشتم
Сар чун кадуӣ бемағз фикандаам бпоит
سر چون کدوی بی مغز فکنده ام بپایت
На аҷаб ки баҳри сарварии зи сари кадуи гузаштам
نه عجب که بهر سروری ز سر کدو گذشتم
Ҳамаи рӯзаи гуфтугӯии ману ошиқони ту будӣ
همه روزه گفتگوی من و عاشقان تو بودی
Чаҳ намояди муҳаррамӣ аз сари гуфтугӯи гузаштам
چه نماید محرمی از سر گفتگو گذشتم
Ба хаёли шасту шўӣии бадари ту рахти бастам
به خیال شست و شوئی بدر تو رخت بستم
зи ғубори раҳи чунонам ки зи шасту шӯи гузаштам
ز غبار ره چنانم که ز شست و شو گذشتم
Дилу дайни ман з каф рафт ббоди орзӯҳо
دل و دین من ز کف رفت بباد آرزوها
Чаҳ ғам ту рӯзем шуд з ҳар орзӯи гузаштам
چه غم تو روزیم شد ز هر آرزو گذشتم
Дили мФтқри зи шавқи ту лаболабаст оре
دل مفتقر ز شوق تو لبالب است آری
Ки ҳамора дар бадар рафтаму кӯ ба кӯи гузаштам
که هماره در بدر رفتم و کو به کو گذشتم