Гавҳариро аз садаф оварда табъам дар канор

گوهری را از صدف آورده طبعم در کنار

ё ки аз хоки Наҷафи тобандаи дарии обдор

یا که از خاک نجف تابنده دری آبدار

Барад то ҳади адам то қоби қавсин вуҷӯд

برد تا حد عدم تا قاب قوسین وجود

РФрФи табъи маро , як ғамзаи зи андлдли савор

رفرف طبع مرا، یک غمزه ز اندلدل سوار

Шоҳиди базми вилояти шоҳи иқлӣми вуҷӯд

شاهد بزم ولایت شاه اقلیم وجود

Шамъи айвони ҳидояти нири гетии мадор

شمع ایوان هدایت نیر گیتی مدار

Сӯрати зебоӣ ӯ ё талъат « аллоҳи нур »

صورت زیبای او یا طلعت «الله نور»

Маънии волоӣ ӯ ё сар « лами тмсаҳи нор »

معنی والای او یا سر «لم تمسه نار»

Хати дилҷӯяши тарози мусҳафи куну макон

خط دلجویش طراز مصحف کون و مکان

Холи ҳиндӯяши мадори гардиши лайл ва наҳор

خال هندویش مدار گردش لیل و نهار

Пуртӯй аз нури рӯйиши тавр синоӣ кулем

پرتوی از نور رویش طور سینای کلیم

Бандаи даргоҳи кӯяши сад сулаймони иқтидор

بندۀ درگاه کویش صد سلیمان اقتدار

Машриқи субҳи азали хуршеди ишқи лами изл

مشرق صبح ازل خورشید عشق لم یزل

Чарх то шоми абад дар зери ҳукмаши барқарор

چرخ تا شام ابد در زیر حکمش برقرار

Дар буриши пери хирад чун кӯдакии дониш пажӯҳ

در برش پیر خرد چون کودکی دانش‌پژوه

Бар дараш ақли муҷарради ҳамчуи перии хоксор

بر درش عقل مجرد همچو پیری خاکسار

Шоҳбози авҷ ӯ аднӣ ба ҳангоми урӯҷ

شاهباز اوج او ادنی به هنگام عروج

Якка тоз арсаи эҷоди гоҳи гиру дор

یکه‌تاز عرصهٔ ایجاد گاه گیر و دار

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

Лои Фтии إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لا فتی إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار

Бози ҷон май пурвирди сози паёми ошно

باز جان می‌پرورد ساز پیام آشنا

ё ки аз тавр ғарб меояд овоз « أно »

یا که از طور غرب می‌آید آواز «أنا»

Май дамади субҳи азал аз кӯии ишқи лами изл

می‌دمد صبح ازل از کوی عشق لم یزل

ё фурӯзони шамъ рӯй шоҳиди базм « дниٰ »

یا فروزان شمع روی شاهد بزم «دنیٰ»

Ҷилваи шамъи тариқати чашмҳоро хира кард

جلوۀ شمع طریقت چشمها را خیره کرد

ё сенаи барқ ҳақиқат мезанад кӯси фано

یا سنا برق حقیقت می‌زند کوس فنا

Каъбаро тоҷи шараф то авҷ « أроднӣ » расед

کعبه را تاج شرف تا اوج «أرادنی» رسید

Ёфт чун аз муваллиди маймун ӯ ақсои алмниٰ

یافت چون از مولد میمون او اقصی المنیٰ

Қиблаи аҳл яқин шуд хиттаи байт улҳаром

قبلۀ اهل یقین شد خطۀ بیت الحرام

Равзаи хулд барин шуд соҳати хиФу мно

روضۀ خلد برین شد ساحت خیف و منا

Байти маъмур ар шавад ва бар он аз ин ҳасрат равост

بیت معمور ار شود و بر آن از این حسرت رواست

ё биафтад гунбади даввори ман أълии албноء

یا بیفتد گنبد دوار من أعلی البناء

Аз паии таъзим хам шуд гўиёи пушти фалак

از پی تعظیم خم شد گوییا پشت فلک

Фаршро арш муъалла гуфт табрики вҳно

فرش را عرش معلی گفت تبریک وهنا

Бо валиди албит ! ғавғои нсориٰ дар Масеҳ

با ولید البیت! غوغای نصاریٰ در مسیح

Гарчи май зебади туро , локини таъолии рбно

گرچه می‌زیبد ترا، لکن تعالی ربنا

МФтқр гар мекунад бо як забони мдҳтгрӣ

مفتقر گر می‌کند با یک زبان مدحتگری

намекунад рӯҳи аломин бо сад навои мадҳу сано

می‌کند روح الامین با صد نوا مدح و ثنا

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

Лои Фтии إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لا فتی إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار

Каъба чу нагӯй сабақ аз сина сино гирифт

کعبه چو نگوی سبق از سینۀ سینا گرفت

Пояи бартар аз фарози гунбад мино гирифт

پایه برتر از فراز گنبد مینا گرفت

Хона , бесолору соҳиб буд то мелоди шоҳ

خانه، بی سالار و صاحب بود تا میلاد شاه

Сар ба кайвони зи дарчии раби албит дар вай ҷо гирифт

سر به کیوان ز درچه رب البیت در وی جا گرفت

То зи бурҷи каъбаи хуршеди ҳақиқат ҷилва кард

تا ز برج کعبه خورشید حقیقت جلوه کرد

Чархи чорами сӯхт аз ҳасрати дил аз дунё гирифт

چرخ چارم سوخت از حسرت دل از دنیا گرفت

Каъба шуд то бо мақоми лии маъаи аллоҳии қарин

کعبه شد تا با مقام لی مع اللهی قرین

Аз шарофати ҳамсарӣ то базм ӯ аднӣ гирифт

از شرافت همسری تا بزم او ادنی گرفت

Хоки бтҳои зини аноят ончунон шуд сари баланд

خاک بطحا زین عنایت آنچنان شد سر بلند

Равнақи ъзу шараф аз масҷид ақсо гирифт

رونق عز و شرف از مسجد اقصی گرفت

Каъба шуд то маркази тоўси гулзори азал

کعبه شد تا مرکز طاوس گلزار ازل

То абади зоғу заған яксар раҳ саҳро гирифт

تا ابد زاغ و زغن یکسر ره صحرا گرفت

Хайри мақдам эй ҳумоюни толаҳи бурҷи шараф

خیر مقدم ای همایون طاله برج شرف

Малик ҳастӣ зебу фар зон талъат ғро гирифт

ملک هستی زیب و فر زان طلعت غرا گرفت

Нағма дастон набошад дархури ин достон

نغمهٔ دستان نباشد درخور این داستان

Шӯри ҷбрили амин дар олам боло гирифт

شور جبریل امین در عالم بالا گرفت

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

Лои Фтии إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لا فتی إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار

Гавҳарӣ шуд аз даруни каъбаи берун аз садаф

گوهری شد از درون کعبه بیرون از صدف

Кард байти аллоҳро бо он шарафи байти алшрФ

کرد بیت الله را با آن شرف بیت الشرف

Гавҳарии сангини баҳо рахшон шуд аз байти алҳрм

گوهری سنگین‌بها رخشان شد از بیت الحرم

Каз сурайё то сриро кард камтар аз хзФ

کز ثریا تا ثری را کرد کمتر از خزف

Каъба шуд аз мақдами авқофи ънқоءи қадам

کعبه شد از مقدم اوقاف عنقاء قدم

Шоҳбозони тариқат дар канораши саф ба саф

شاهبازان طریقت در کنارش صف به صف

Синаи синои магар аз ҳайбаташ шуд чоки чок

سینۀ سینا مگر از هیبتش شد چاک چاک

ё шунид аз рأФтши Мӯсои Нидоӣ « лотхФ »

یا شنید از رأفتش موسی ندای «لاتخف»

зи иштиёқаши Юсуфи садиқ дар зиндони ғам

ز اشتیاقش یوسف صدیق در زندان غم

Вази фироқаши пери канъони нағмаи созро أсФ

وز فراقش پیر کنعان نغمۀ ساز را أسف

Халъат хулат шуд арзонӣ бар андоми халил

خلعت خلت شد ارزانی بر اندام خلیل

Кард бунёди ҳарам чун баҳри он нъми алхлФ

کرد بنیاد حرم چون بهر آن نعم الخلف

Каъбаро шуд ҳамсарӣ бо турбати хоки ғурӣ

کعبه را شد همسری با تربت خاک غری

Мабдаи андари каъба буду мунтаҳии андари Наҷаф

مبدأ اندر کعبه بود و منتهی اندر نجف

Осмон зад кӯси шоҳӣ дар муҳӣт кун факон

آسمان زد کوس شاهی در محیط کن فکان

Зуҳра , сози нағма табрик зад бечангу даф

زهره، ساز نغمۀ تبریک زد بی چنگ و دف

Ҳар ду гетиро бшодӣ кард фирдавси барин

هر دو گیتی را بشادی کرد فردوس برین

Нағмаи рӯҳи аломин , бо як ҷаҳони шавқу шааф

نغمۀ روح الامین، با یک جهان شوق و شعف

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

Лои Фтии إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لا فتی إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار

Офтоби олами лоҳут аз бурҷи қадам

آفتاب عالم لاهوت از برج قدم

Кард гетиро чаҳ субҳи равшан аз сар то қадам

کرد گیتی را چه صبح روشن از سر تا قدم

Каъба шуд машкоти мисбоҳи ҷамоли лами изл

کعبه شد مشکات مصباح جمال لم یزل

Байт , раби албитро гардид мҷлои атум

بیت، رب البیت را گردید مجلای اتم

Кавкаби дарӣ дарӣ багушӯд аз файзи вуҷӯд

کوکب دری دری بگشود از فیض وجود

Каз фурӯғаш нест ҷузи номи дурӯғӣ аз адам

کز فروغش نیست جز نام دروغی از عدم

Калаки қудрат дар даруни каъбаи нақширо нигошт

کلک قدرت در درون کعبه نقشی را نگاشت

Пояашро баради бартар аз сари лавҳу қалам

پایه‌اش را برد برتر از سر لوح و قلم

Каъбаи гӯйии канзи мҳФӣ буд гўҳрзоӣ шуд

کعبه گویی کنز محفی بود گوهرزای شد

Зини шарофат то абад гардид дар олами илм

زین شرافت تا ابد گردید در عالم علم

Макка шудам алқрӣ аз мақдамам алкитоб

مکه شد ام القری از مقدم ام الکتاب

Қуббаи арш барин зад бӯса бар хоки ҳарам

قبۀ عرش برین زد بوسه بر خاک حرم

Шоҳи иқлӣм « слўнӣ » то қадам дар каъба зад

شاه اقلیم «سلونی» تا قدم در کعبه زد

Қиблаи ҳоҷоти гашту мстҷору мултазам

قبلۀ حاجات گشت و مستجار و ملتزم

Аз мурувват дод унвонӣ , сафоу Марва ро

از مروت داد عنوانی، صفا و مروه را

Вази футувват обрӯе ёфт замзам низ ҳам

وز فتوت آبرویی یافت زمزم نیز هم

Мантиқ тақрир мегуяд : лақади кули аллсон

منطق تقریر می‌گوید: لقد کل اللسان

Хома таҳрир менолад : лақади ҷеффи алғлм

خامهٔ تحریر می‌نالد: لقد جف الغلم

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

Лои Фтии إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لا فتی إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار

Гулшани хулд барин шуд арсаи байт улҳаром

گلشن خلد برین شد عرصه بیت الحرام

То хиромони гашти даравии тозаи сари ваии хуши хиром

تا خرامان گشت دروی تازه سر وی خوش‌خرام

Навниҳолии муътадил аз бӯстон « Фостқм »

نونهالی معتدل از بوستان «فاستقم»

Шохаи тӯбои барӣ аз равзаи дори ассалом

شاخۀ طوبی بری از روضۀ دار السلام

Қоматӣ дар истиқомат чун сироти мустақӣм

قامتی در استقامت چون صراط مستقیم

Сарви озодии бқомти ҳамчуи мизонеи тамом

سرو آزادی بقامت همچو میزانی تمام

Қаду болои дили ороиш ба ғояти дили ситон

قد و بالای دل‌آرایش به غایت دل‌ستان

Олам аз ҳасани низомаш дар камоли интизом

عالم از حسن نظامش در کمال انتظام

Шамъи базми кибриёеи гоҳи қад афрохтан

شمع بزم کبریایی گاه قد افراختن

Нахлаи таври таҷаллои илоҳӣ дар калом

نخلۀ طور تجلای الهی در کلام

Нуқтаи боӣиаҳ буд ва дар таҷаллӣ шуд алиф

نقطه بائیه بود و در تجلی شد الف

Мусҳафи кунинро дод ифтитоҳу ахттом

مصحف کونین را داد افتتاح و اختتام

То қиёмати васфи он қомат нагунҷад дар баён

تا قیامت وصف آن قامت نگنجد در بیان

Лек медонам қиёмат мекунад аз ваии қиём

لیک می‌دانم قیامت می‌کند از وی قیام

Зон миёни ҳошо агар орми ҳадисӣ дар миён

زان میان حاشا اگر آرم حدیثی در میان

Сари хоси алхос кӣ бошад раво дар базми ом ?

سر خاص الخاص کی باشد روا در بزم عام؟

Васфи он боло набояд кор ҳар бепоу сар

وصف آن بالا نباید کار هر بی پا و سر

Ман куҷоу мадҳати он сарвари волои мақом ?

من کجا و مدحت آن سرور والا مقام؟

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

Лои Фтии إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لا فتی إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار

То дурахшон шуд даруни каъба зон ваҷҳи ҳасан

تا درخشان شد درون کعبه زان وجه حسن

Сами ваҷҳи аллоҳ равшан шуд , бурун шуд шаку занн

ثم وجه الله روشن شد، برون شد شک و ظن

Чун ки будаш хилвати ғайби алғиўбии ҷойгоҳ

چون که بودش خلوت غیب الغیوبی جایگاه

Дид байти аллоҳро некӯи мисолӣ дар ватан

دید بیت الله را نیکو مثالی در وطن

Каъба шуд таври ҳақиқати синаи синои шикофт

کعبه شد طور حقیقت سینۀ سینا شکافت

Пӯри умрони кӯ ки то боз оядаш овоз « лн » ?

پور عمران کو که تا باز آیدش آواز «لن»؟

Дар муҳӣти каъбаи чандон мавҷ зад дарёии ишқ

در محیط کعبه چندان موج زد دریای عشق

Каз наҳифаши гашт на фалаки фалаки лшкршкн

کز نهیبش گشت نه فلک فلک لشکرشکن

Сари ваҳдат аз ҷабинаш ончунон шуд ошкор

سر وحدت از جبینش آنچنان شد آشکار

Каз дару девори байти аллоҳ фирорӣ шуду тан

کز در و دیوار بیت الله فراری شد و تن

Нақш ботил чист бо он сӯрати яздони намо ?

نقش باطل چیست با آن صورت یزدان نما؟

Бо вуҷӯди исми аъзам кӣ бимонад аҳриман ?

با وجود اسم اعظم کی بماند اهرمن؟

То илм зад бар фарози каъбаи шоҳи малики ишқ

تا علم زد بر فراز کعبه شاه ملک عشق

Олами тавҳидро якбора рӯҳ омад ба тан

عالم توحید را یکباره روح آمد به تن

Шаҳриёр лоФтиٰ тозад қадам дар он саро

شهریار لافتیٰ تازد قدم در آن سرا

Ҳасани айём ҷавонӣ ёфт ин даҳр ( дайр ) куҳан

حسن ایام جوانی یافت این دهر (دیر) کهن

Теша бар сари кӯфт аз ноқобилии Фрҳодўор

تیشه بر سر کوفت از ناقابلی فرهادوار

МФтқр , ҳарчанд мегуяд ба ширинии сухан

مفتقر، هرچند می‌گوید به شیرینی سخن

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

Лои Фтии إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لا فتی إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار

Каъба то нуқтаи боӣиаҳро дар бар гирифт

کعبه تا نقطۀ بائیه را در بر گرفت

Дар ҷаҳони гӯии сабақ аз чори дафтар бар гирифт

در جهان گوی سبق از چار دفتر بر گرفت

Дар муҳӣт каъба шуд то нуқтаи ваҳдати мадор

در محیط کعبه شد تا نقطۀ وحدت مدار

Олами эҷодро он нуқта сартосар гирифт

عالم ایجاد را آن نقطه سرتاسر گرفت

Нома ҳастӣ шуд аз тғрои номаши номвар

نامۀ هستی شد از طغرای نامش نامور

Талъатии зебо аз он дебоча дафтар гирифт

طلعتی زیبا از آن دیباچۀ دفتر گرفت

То ки зери пой ӯро аз дилу ҷон бӯса дод

تا که زیر پای او را از دل و جان بوسه داد

Ончиро дар ваҳм ноед каъба болотар гирифт

آنچه را در وهم ناید کعبه بالاتر گرفت

Аз қудуми рӯҳи қудсӣ аз шааф парвоз кард

از قدوم روح قدسی از شعف پرواز کرد

Шоҳбози сади раҳро дар зери бол ва пар гирифт

شاهباز سد ره را در زیر بال و پر گرفت

Шуд ҳарами дори аломон дар рақс омад осмон

شد حرم دار الامان در رقص آمد آسمان

То ки шеърии бӯса бар хоки раҳ машъар гирифт

تا که شعری بوسه بر خاک ره مشعر گرفت

Чашмаи ховар фурӯғӣ дид аз он маи ҷабин

چشمۀ خاور فروغی دید از آن مه جبین

Нортўр аз шуълаи нури ҷамолаш дар гирифт

نارطور از شعلۀ نور جمالش در گرفت

Ақли фаъол аз дабистони камолаш баҳра ёфт

عقل فعال از دبستان کمالش بهره یافت

Чун худованди сухани ҷо бар сар минбар гирифт

چون خداوند سخن جا بر سر منبر گرفت

Шаҳсаворӣ омад андари арсаи майдони разм

شهسواری آمد اندر عرصه میدان رزم

Каз сарои олами имкони сарв афсар гирифт

کز سرای عالم امکان سرو افسر گرفت

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

Лои Фтии إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لا فتی إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار

Каъбаи кӯии ҳақиқати қиблаи аҳли вусӯл

کعبۀ کوی حقیقت قبلۀ اهل وصول

Мстҷори алавӣу суфлоу арвоҳи уқул

مستجار علوی و سفلی و ارواح عقول

Нусхаи асмоءу сари лавҳи ҳуруфи олиёт

نسخۀ اسماء و سر لوح حروف عالیات

Масдари афъол , аввали содиру асли алосўл

مصدر افعال، اول صادر و اصل الاصول

Онкӣ будаш қоб ва қавсин аввалин қавси суъӯд

آنکه بودش قاب و قوسین اولین قوس صعود

Каъбааш гоҳи таназзули охирин қавси нузул

کعبه‌اش گاه تنزل آخرین قوس نزول

Дар равоқи иззаташи ишроқёнро роҳ нест

در رواق عزتش اشراقیان را راه نیست

Дар ҳарими хилваташ ақласт мамнӯъ аз духул

در حریم خلوتش عقل است ممنوع از دخول

Реза хор хон ӯ мекол бо ҳифзи адаб

ریزه‌خوار خوان او میکال با حفظ ادب

Ҳомили фармон ӯ ҷбрил бо шарти қабул

حامل فرمان او جبریل با شرط قبول

Қатрае аз қулзуми ҷўдши муҳӣтии бекарон

قطره‌ای از قلزم جودش محیطی بیکران

Акс аз нури ҷамолаши офтобӣ бе уфӯл

عکس از نور جمالش آفتابی بی افول

Ҳокими армну самоеи шубҳаи андари ратқу фатқ

حاکم ارمن و سمایی شبهه اندر رتق و فتق

Воҷиби мумкини намоеи иттиҳод ва бе ҳулӯл

واجب ممکن نمایی اتحاد و بی حلول

Хотами даври вилояти фотиҳи иқлӣми ишқ

خاتم دور ولایت فاتح اقلیم عشق

Ҳаркии ин маънӣ намедонад злўмасту ҷҳўл

هرکه این معنی نمی‌داند ظلوم است و جهول

Даст ҳар идрок кӯтоҳаст аз домон ӯ

دست هر ادراک کوتاه است از دامان او

Пас чаҳ гӯям ман ? таъолии шона ъмо нақавл

پس چه گویم من؟ تعالی شانهٔ عما نقول

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

Лои Фтии إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لا فتی إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار

Шуд саманд якка тоз табъро зонуи ду то

شد سمند یکه تاز طبع را زانو دو تا

Чун қадам зад дар мдиҳи шаҳсавори лоФтиٰ

چون قدم زد در مدیح شهسوار لافتیٰ

Хомаи мишкӣни ман чун менагорд ин рақам

خامهٔ مشکین من چون می‌نگارد این رقم

Хӯн хӯрд аз рашку ҳасрати нофаи машки хто

خون خورد از رشک و حسرت نافۀ مشک ختا

Гар бигирам боҷ аз тоҷ каён набӯд аҷаб

گر بگیرم باج از تاج کیان نبود عجب

Чун сароем нағмае аз тоҷдори ҳилли أтиٰ

چون سرایم نغمه‌ای از تاجدار هل أتیٰ

эй сурӯши ғайби пайғомии зи кӯии ёри ман

ای سروش غیب پیغامی ز کوی یار من

Ҷон ба лаб омад зи ҳасрати ҳимматӣ ҳатто мтиٰ ? !

جان به لب آمد ز حسرت همتی حتی متیٰ؟!

Умр бигузашт ва надидам рӯй хӯбӣ эй дареғ

عمر بگذشت و ندیدم روی خوبی ای دریغ

Зиндагонӣ рафт бар бодои фанои воҳсрото

زندگانی رفت بر بادا فنا واحسراتا

Рӯзи ман аз шаби сияҳтар кӯи ҷаҳони афрӯзи ман ?

روز من از شب سیه تر کو جهان افروز من؟

Субҳам аз шоми ғарибони тиратару ағрбто

صبحم از شام غریبان تیره‌تر و اغربتا

Дар ҳазизи ҷаҳли афтодами зи авҷи маърифат

در حضیض جهل افتادم ز اوج معرفت

Дар миёни шаҳри дониш дар канори рӯсто

در میان شهر دانش در کنار روستا

Ишқи гуфтои дасти зан дар домани шери худо

عشق گفتا دست زن در دامن شیر خدا

То раҳоӣ аз наҳанги табъ чун пӯри маттӣ

تا رهایی از نهنگ طبع چون پور متی

Онкӣ дар иқлӣми ваҳдати фарди рабӣ монанди буд

آنکه در اقلیم وحدت فرد ربی مانند بود

Вонкаҳи андари арса майдон набӯдаш ҳеҷ то

وانکه اندر عرصۀ میدان نبودش هیچ تا

Гӯш ҷон бигушо ва бишинав аз амини кирдигор :

گوش جان بگشا و بشنو از امین کردگار:

ЛоФтиٰи إлои алии лои сайфи إлои зулфиқор

لافتیٰ إلا علی لا سیف إلا ذوالفقار