Оншохи гул ки сабз буд дар хазон якеаст
آنشاخ گل که سبز بود در خزان یکیست
Афшондаи ғунчаи гули сурх аз даҳон якеаст
افشانده غنچۀ گل سرخ از دهان یکیست
Он гавҳарӣ каз оташи алмос реза шуд
آن گوهری کز آتش الماس ریزه شد
Ёқӯти хӯни зи лаъли лаб ӯ равон якеаст
یاقوت خون ز لعل لب او روان یکیست
Он лаъли дирафшон ки зумуррад нигор шуд
آن لعل دُرفشان که زمرد نگار شد
Дод аз вафои судаи алмос , ҷон , якеаст
داد از وفا سودۀ الماس، جان، یکیست
Он нахли тавр каз асари заҳри ҷонгдоз
آن نخل طور کز اثر زهر جانگداز
Аз фарқ то қадам шуда оташ фишон якеаст
از فرق تا قدم شده آتش فشان یکیست
Он шоҳбози авҷи ҳақиқат ки тири хасм
آن شاهباز اوج حقیقت که تیر خصم
Нагузошта зи болу пар ӯ нишон якеаст
نگذاشته ز بال و پر او نشان یکیست
Онхзри раҳнамо ки шуд аз оби оташин
آنخضر رهنما که شد از آب آتشین
Фармонравои мамлакат ҷовдон якеаст
فرمانروای مملکت جاودان یکیست
Он нуқтаи басити муҳӣти ризо ки буд
آن نقطۀ بسیط محیط رضا که بود
Ҳукмаши мадор доӣраҳ кун факон якеаст
حکمش مدار دائرۀ کن فکان یکیست
Он ҷавҳари карам ки чаҳ савдо бсўдаҳ кард
آن جوهر کرم که چه سودا بسوده کرد
Ҳаргиз надошт чашми бсўд ва зиён якеаст
هرگز نداشت چشم بسود و زیان یکیست
Чашми фалаки надидаи биҷузи Муҷтабо касе
چشم فلک ندیده بجز مجتبی کسی
Шоёни ин муомила , оре ҳамон якеаст
شایان این معامله، آری همان یکیست
Тӯбои мисоли гулшани оли ъабо буд
طوبی مثال گلشن آل عبا بود
Райҳонаи расӯли худои Муҷтабо буд
ریحانۀ رسول خدا مجتبی بود
Ҳаргиз касе дучори мҳн чун ҳасан нашуд
هرگز کسی دچار محن چون حسن نشد
Вар шуд дучори он ҳамаи ранҷ ва мҳн нашуд
ور شد دچار آن همه رنج و محن نشد
Хотам агар зи дасти сулаймон ббод рафт
خاتم اگر ز دست سلیمان بباد رفت
Андари шиканҷаи ситам аҳриман нашуд
اندر شکنجۀ ستم اهرمن نشد
Нӯҳ наҷайгар аз хатари мавҷ ранҷа шуд
نوح نجی گر از خطر موج رنجه شد
Ғарқоби лаҷаи ғам бунёд кун нашуд
غرقاب لجۀ غم بنیاد کن نشد
Юсуф агарчӣ аз падари пер давр монад
یوسف اگرچه از پدر پیر دور ماند
Лекини ғариб ва бе ҳамаи кас дар ватан нашуд
لیکن غریب و بی همه کس در وطن نشد
Шамъ арча сӯхт аз сари шаб то саҳар вале
شمع ارچه سوخت از سر شب تا سحر ولی
Хунобаи дилу ҷигараш дар лаган нашуд
خونابۀ دل و جگرش در لگن نشد
Парвини нисори моҳрухӣ кончаҳ шуд бар ӯ
پروین نثار ماهرخی کانچه شد بر او
Парвонаро зи шамъи дил анҷуман нашуд
پروانه را ز شمع دل انجمن نشد
Ҳқо ки ҳеҷ тоӣрӣ аз ошёни қудс
حقا که هیچ طائری از آشیان قدس
Чун ӯ асири панҷаи зоғ ва заған нашуд
چون او اسیر پنجۀ زاغ و زغن نشد
Ҷузи ғами насиби он дили воло гуҳар набӯд
جز غم نصیب آن دل والا گهر نبود
Ҷузи заҳри баҳри он лаб шикаршикан нашуд
جز زهر بهر آن لب شکرشکن نشد
Дашноми душмани ончӣ ки бо он ҷигар намӯд
دشنام دشمن آنچه که با آن جگر نمود
Аз заҳр бемузоиқа бо он бадан нашуд
از زهر بی مضایقه با آن بدن نشد
Аз дӯст ончӣ дид зи душман раво набӯд
از دوست آنچه دید ز دشمن روا نبود
Ҷузи сабр , дардҳои дилашро даво набӯд
جز صبر، دردهای دلش را دوا نبود
Ҳаргизи дилии зи ғам чаҳ дил Муҷтабо насӯхт
هرگز دلی ز غم چه دل مجتبی نسوخت
Вари сӯхти зи аҷнабӣ дигар аз ошно насӯхт
ور سوخت ز اجنبی دگر از آشنا نسوخت
Ҳар гулшанӣ ки сӯхти зи боди сумуми сӯхт
هر گلشنی که سوخت ز باد سموم سوخت
Аз боди навбаҳору насим сабо насӯхт
از باد نوبهار و نسیم صبا نسوخت
Чандон дилаши зи сарзаниш дӯстон гудохт
چندان دلش ز سرزنش دوستان گداخت
Каз душманони заҳри бад ва ҳар носазо насӯхт
کز دشمنان زهر بد و هر ناسزا نسوخت
Аз ҳар хасӣ чаҳ он гули гулзори маърифат
از هر خسی چه آن گل گلزار معرفت
Шохи гулии зи гулшани ол ъабо насӯхт
شاخ گلی ز گلشن آل عبا نسوخت
Ҷузи он ягонаи гавҳари тавҳидро касе
جز آن یگانه گوهر توحید را کسی
зи алмоси судаи лаъли лаб дилрабо насӯхт
ز الماس سوده لعل لب دلربا نسوخت
Ҳаргизи бародарӣ ба азои бародарӣ
هرگز برادری به عزای برادری
Дар рӯзгор , чу нашаҳ гулгун қабо насӯхт
در روزگار، چو نشه گلگون قبا نسوخت
Бовар макун дилӣ ки чаҳ қосим бинола шуд
باور مکن دلی که چه قاسم بناله شد
Зон нолаи пар аз шарари во أбо насӯхт
زان نالۀ پر از شرر وا أبا نسوخت
Андам ки сӯхти ҳосили даврони зи сӯзи заҳр
آندم که سوخت حاصل دوران ز سوز زهر
Дар ҳайратам ки хирмани гардун чаро насӯхт
در حیرتم که خرمن گردون چرا نسوخت
То шуд равони олами имкони зи тани равон
تا شد روان عالم امکان ز تن روان
Ҷанбнда Эй намонад казин моҷаро насӯхт
جنبنده ای نماند کزین ماجرا نسوخت
Хомӯш шуд чароғи дили афрӯзи Муҷтабо
خاموش شد چراغ دل افروز مجتبی
Афрӯхт шуълаи ғами ҷони сӯзи Муҷтабо
افروخت شعلۀ غم جان سوز مجتبی
Шоҳӣ ки ҳукм бар фалак ва бар ситора дошт
شاهی که حکم بر فلک و بر ستاره داشت
Озурда шуд чунон ки зи мардум канора дошт
آزرده شد چنان که ز مردم کناره داشت
Умрии асири меҳнат ва аз умри хеши сайр
عمری اسیر محنت و از عمر خویش سیر
Ҷузи сабр чун дучор бало шуд чаҳ чора дошт ?
جز صبر چون دچار بلا شد چه چاره داشت؟
Ҳақи хилофаташ чаҳ баннои ҳақ гирифта шуд
حق خلافتش چه بنا حق گرفته شد
Аз сӯзи дили брўнқи ботил назора дошт
از سوز دل برونق باطل نظاره داشت
Гар мешунид кӯҳи гарони ончӣ ӯ шунид
گر میشنید کوه گران آنچه او شنید
Аз ҳам шикофт , гарчи дил аз санг хора дошт
از هم شکافت، گرچه دل از سنگ خاره داشت
Андам ки аз саманди хилофат пиёда шуд
آندم که از سمند خلافت پیاده شد
Шӯрида бар сродқ ӯ ҳар савора дошт
شوریده بر سرادق او هر سواره داشت
Чун дар расед ханҷар барон ба рон ӯ
چون در رسید خنجر برّان به ران او
Якбора рафт агар ки на умр дубора дошт
یکباره رفت اگر که نه عمر دوباره داشت
Рӯй замини магари ҳамаи синои тавр буд
روی زمین مگر همه سینای طور بود
Аз бскаҳи оҳи синаи шикофаш шарора дошт
از بسکه آه سینه شکافش شراره داشت
Онкас ки буд робитаи ҳодису қадим
آنکس که بود رابطۀ حادث و قدیم
Аз заҳри ҷонгзои ҷгарии пора пора дошт
از زهر جانگزا جگری پاره پاره داشت
Танҳо нашуд зи судаи алмоси хўнҷгр
تنها نشد ز سودۀ الماس خونجگر
То умр дошт хӯни ҷигарро ҳамора дошт
تا عمر داشت خون جگر را هماره داشت
Хунобаи ғам аз ҷигари андари пиёлаи рехт
خونابۀ غم از جگر اندر پیاله ریخت
ё ғунчаи гул аз даҳани шохи лолаи рехт
یا غنچۀ گل از دهن شاخ لاله ریخت
Шоҳӣ ки буд гӯшаи нишинии шиор ӯ
شاهی که بود گوشه نشینی شعار او
Меҳнати қарин ӯ шуду ғам буд ёр ӯ
محنت قرین او شد و غم بود یار او
Он кӯ дамид субҳи азал аз ҷабин ӯ
آن کو دمید صبح ازل از جبین او
Шуд тиратар зи шоми абади рӯзгор ӯ
شد تیره تر ز شام ابد روزگار او
Маҳкӯми ҳукм дев шуд он хусравӣ ки буд
محکوم حکم دیو شد آن خسروی که بود
Рӯҳи аломин чаҳ бандаи Фрмонгзор ӯ
روح الامین چه بندۀ فرمانگزار او
Мӯсо агар батавр ғамаш мезадӣ қадам
موسی اگر بطور غمش می زدی قدم
Бихўд шудӣ зи оҳи дили шуълаи бор ӯ
بیخود شدی ز آه دل شعله بار او
Якборагар Масеҳ бидид ончӣ ӯ бидид
یکباره گر مسیح بدید آنچه او بدید
Мешуд дубораи чархи чаҳорум чаҳ дор ӯ
میشد دوباره چرخ چهارم چه دار او
Он сарви сабзпуш чаҳ гул срхрўӣ шуд
آن سرو سبزپوش چه گل سرخروی شد
Ореи зи бскаҳи хӯн ҷигар шуднигор ӯ
آری ز بسکه خون جگر شد نگار او
Рӯй ҳасан чаҳ сабз шуд аз заҳр ғам фузуд
روی حسن چه سبز شد از زهر غم فزود
То шуд сиришки дидау дили ҷӯйбор ӯ
تا شد سرشک دیده و دل جویبار او
Тӯбои нисори онқду қомат ки баъди марг
طوبی نثار آنقد و قامت که بعد مرگ
Аз чори сӯи хднки се пар шуд нисор ӯ
از چار سو خدنک سه پر شد نثار او
Парвардаи кбори паямбари бад аз нахуст
پروردۀ کبار پیمبر بد از نخست
Маҳрӯм шуд дар охири кор аз канор ӯ
محروم شد در آخر کار از کنار او
Он сарварӣ ки соҳиби байтулҳаром буд
آن سروری که صاحب بیت الحرام بود
Байтулҳаром баҳр чаҳ биравӣ ҳаром буд !
بیت الحرام بهر چه بروی حرام بود!
эй моҳи чархи пер ва маин пӯри ақли пер
ای ماه چرخ پیر و مهین پور عقل پیر
Каз умри сайр будӣ ва дар банди ғами асир
کز عمر سیر بودی و در بند غم اسیر
Қурбони он дилу ҷигари пораи пораи ?ут
قربان آن دل و جگر پاره پاره ات
Аз заҳри ҷонгдози вази дашному захми тир
از زهر جانگداز وز دشنام و زخم تیر
эй дар сарири ишқ , сулаймони рӯзгор
ای در سریر عشق، سلیمان روزگار
Аз ғами ту гӯшаи гир вале аҳримани амир
از غم تو گوشه گیر ولی اهرمن امیر
Аз пастии замонау бедод даҳр шуд
از پستی زمانه و بیداد دهر شد
Девии фарози минбару рӯҳи аломини бзир
دیوی فراز منبر و روح الامین بزیر
Мейри ҳиҷози пои сарири амири шом !
میر حجاز پای سریر امیر شام!
эй кош сарнигӯн шудӣ он мейр ва он сарир
ای کاش سرنگون شدی آن میر و آن سریر
Илҳод гашта маркази тавҳидро мадор
الحاد گشته مرکز توحید را مدار
Шуд куфри маҳзи ҳалқаи исломро мудӣр
شد کفر محض حلقۀ اسلام را مدیر
Дастон з чист бастаи забон , дар сухани ғроб
دستان ز چیست بسته زبان، در سخن غراب
эй лаъл дар фишон ту дилҷӯйу дилпазир
ای لعل دُر فشان تو دلجوی و دلپذیر
ё ллъҷби зи мардуми дунёи парасти дун
یا للعجب ز مردم دنیا پرست دون
Юсуф фурӯхта ба матоъии басии ҳақир
یوسف فروخته به متاعی بسی حقیر
эй дастгири ғмздгони рӯзи адл ва дод
ای دستگیر غمزدگان روز عدل و داد
Дасти ситам з чист туро карда дастгир ?
دست ستم ز چیست تو را کرده دستگیر؟
То шуд эй сидра нишин дар каманди ғам
تا شد همای سدره نشین در کمند غم
Ънқоء қоф шуд зи ?илами дардманди ғам
عنقاء قاف شد ز الم دردمند غم
эй рӯҳи ақли ақдму райҳонаи набӣ
ای روح عقل اقدم و ریحانۀ نبی
Каз хӯни дили зи ғуссаи даврони лаболабӣ
کز خون دل ز غصه دوران لبالبی
эй шоҳи додгар ки зи бедоди рӯзгор
ای شاه دادگر که ز بیداد روزگار
Рӯзӣ нёрмидаҳ нёсудае шабӣ
روزی نیارمیده نیاسوده ای شبی
Аз дӯстони маломат биҳд шунида Эй
از دوستان ملامت بیحد شنیده ای
Танҳо надидае ?илам аз дасти аҷнабӣ
تنها ندیده ای الم از دست اجنبی
Чун унсури латифи ту бо хасми бади маниш
چون عنصر لطیف تو با خصم بد منش
Ҳаргиз надид каси қамари бурҷи ақрабӣ
هرگز ندید کس قمر برج عقربی
з ҳар ҷафо намӯд турои оби хушгувор
ز هر جفا نمود ترا آب خوشگوار
Аз бскаҳи талхкомӣу битобу пари табӣ
از بسکه تلخکامی و بیتاب و پر تبی
Аз соқӣ азал нагирифтааст то абад
از ساقی ازل نگرفته است تا ابد
Чун соғари ту ҳеҷ вале муқаррабӣ
چون ساغر تو هیچ ولی مقربی
Ореи балои бмртбаҳи қурб авлиё аст
آری بلا بمرتبۀ قرب اولیا است
Вндри бисот қурб набӯд аз ту ақрбӣ
وندر بساط قرب نبود از تو اقربی
Гардун шавад нигуну рухи меҳру маи сиёҳ
گردون شود نگون و رخ مهر و مه سیاه
КоФтодаҳ дар лаҳад чаҳ ту тобандаи кавкабӣ
کافتاده در لحد چه تو تابنده کوکبی
Нашунидаам нишонаи тир ситам шавад
نشنیده ام نشانۀ تیر ستم شود
Ҷузи наъши нозанини ту дар ҳеҷ мазҳабӣ
جز نعش نازنین تو در هیچ مذهبی
эй мФтқр бинол чаҳ қамарӣ дар ин азо
ای مفتقر بنال چه قمری در این عزا
Кин ғусса нест камтар аз он заҳри ҷонгзо
کاین غصه نیست کمتر از آن زهر جانگزا