Расед мужда ки сарсабзи гашти нахли умед
رسید مژده که سرسبز گشت نخل امید
Ниҳоли давлату иқбол борвар гардид
نهال دولت و اقبال بارور گردید
Баҳор хуррамӣ омад гули муроди шкФт
بهار خرمی آمد گل مراد شکفت
Зшўқи лаъли лаби дӯсти ҷом мл хандид
زشوق لعل لب دوست جام مُل خندید
Фурӯғи базми тарабро ба нағма ӣ дафу чанг
فروغ بزم طرب را به نغمه ی دف و چنگ
Биор соқии равшани замир ҷом набед
بیار ساقی روشن ضمیر جام نبید
ЗФизи тарбияти офтоби лутфи ?ала
زفیض تربیت آفتاب لطف آله
Куҳани дарахти ҷалолат ҷавон шуд ва болид
کهن درخت جلالت جوان شد و بالید
Намӯд ахтари саъдии тулӯъ дар тҳрон
نمود اختر سعدی طلوع در طهران
Ки карда касби саодати змтлътши ноҳид
که کرده کسب سعادت زمطلعتش ناهید
Маии баромад аз осмони ъзу ҷалол
مهی برآمد از آسمان عزّ و جلال
Ки пуртӯйаст зи рухшандаи талъаташи хуршед
که پرتوی است ز رخشنده طلعتش خورشید
Ҳазор ва сесад ва даҳ соли рафта аз ҳиҷрат
هزار و سیصد و ده سال رفته از هجرت
Тулӯъ моҳ навайро сурӯш дод навид
طلوع ماه نوی را سروش داد نوید
Ба рӯзи ҳафдаҳуми маи ҷамодии алаввалӣ
به روز هفدهم مه جمادی الاولی
Хатои сурӯдам дар шаби гуҳ саҳар тобед
خطا سرودم در شب گه سحر تابید
Ба қавс дошт макони офтоб ва ма бошад
به قوس داشت مکان آفتاب و مه باشد
Маи мубораки гардуни сарварӣ чу дамид
مه مبارک گردون سروری چو دمید
Зчҳри шоҳиди мақсӯд парда баргирам
زچهر شاهد مقصود پرده برگیرم
Чаҳ узр қофия хоҳам расед иди Саид
چه عذر قافیه خواهم رسید عید سعید
Қадам ба арсаи олами ниҳоди мавлудӣ
قدم به عرصه عالم نهاد مولودی
Ки муваллидаши зшрФи сар ба авҷ чарх кашид
که مولدش زشرف سر به اوج چرخ کشید
Слили духти шаҳаншоҳи исмати аддавла
سلیل دخت شهنشاه عصمت الدوله
Ки бартараст мақомаши з ҳад гуфт ва шунид
که برتر است مقامش ز حد گفت و شنید
Амири дӯсти Муҳамади саммии роди падар
امیر دوست محمد سمّی راد پدر
Ки дасти ҳиммат ӯ ганҷи ҷӯади рости калид
که دست همت او گنج جود راست کلید
Накӯи ниҳоди амӣрӣ ки нақди тинати вай
نکو نهاد امیری که نقد طینت وی
Басири сирФии пери ақл ба писандид
بصیر صیرفی پیر عقل به پسندید
Хдоигони амирони мъири Эрон
خدایگان امیران معیّر ایران
Ки рӯзгор чу ӯ комил алъёр надид
که روزگار چو او کامل العیار ندید
Саноӣ хоҷа наёрам чунон ки бояд гуфт
ثنای خواجه نیارم چنان که باید گفت
Зхўоҷаҳи зодаи шинав то шавад ҳадиси падед
زخواجه زاده شنو تا شود حدیث پدید
Ниёии родаши соҳиби қирон додгар аст
نیای رادش صاحب قران دادگر است
Ки ҳаст вориси аврангу афсари ҷамшед
که هست وارث اورنگ و افسر جمشید
Паноҳи миллати исломи Носириддини шоҳ
پناه ملت اسلام ناصرالدّین شاه
Ки боди аҳдаши пояндаи давлаташи ҷовид
که باد عهدش پاینده دولتش جاوید
Бузурги моам меҳани моам бонӯии офоқ
بزرگ مام میهن مام بانوی آفاق
Ки шаҳриёри лақаби тоҷ давлаташ бахшед
که شهریار لقب تاج دولتش بخشید
Маин бародари ваии эътисом салтанат аст
مهین برادر وی اعتصام سلطنت است
Каз ӯ камол ба сари ҳад эътидол расед
کز او کمال به سر حدّ اعتدال رسید
Ду хоҳараст варо ҳар яке ба некии тоқ
دو خواهر است ورا هر یکی به نیکی طاق
Ба ғайри ин ду магари дидаи ҷуфт тоқ надид
به غیر این دو مگر دیده جفت طاق ندید
Нахусти зони ду гуҳари исмати алмулук буд
نخست زآن دو گهر عصمت الملوک بود
Ки моам даҳр ҳмолш надиду неи зоӣид
که مام دهر همالش ندید و نی زائید
Сипас Кирима ӣ фаррухи сиришти фахри алтоҷ
سپس کریمه ی فرخ سرشت فخر التّاج
Ки рӯзгораши Маҳмӯди боди бахти сифед
که روزگارش محمود باد بخت سفید
Чу он хуҷастаи қадами гашти зеби базми ҷаҳон
چو آن خجسته قدم گشت زیب بزم جهان
Навиди мақдами фархундааш муҳӣт шунид
نوید مقدم فرخنده اش محیط شنید
Қадам намӯда зсри сӯй остонаш шуд
قدم نموده زسر سوی آستانش شد
Ғубори фаррухи он остон ба чашм кашид
غبار فرّخ آن آستان به چشم کشید
Ба дафъи чашми ҳасуд аз баланди даргоҳаш
به دفع چشم حسود از بلند درگاهش
Ваон икод басӣ хонд ва бар фароз дамид
وان یکاد بسی خواند و بر فراز دمید
Паии нисори мубораки қудуми ҳиҷобаш
پی نثار مبارک قدوم حُجّابش
Збҳр табъ баровард ақди марворид
زبحر طبع برآورد عقد مروارید
Намӯд арза ба таърихи иди мелодаш
نمود عرضه به تاریخ عید میلادش
Амири дӯсти Муҳамад шуда ба қавси падед
امیر دوست محمد شده به قوس پدید
Ба даҳр то буд аз хонадони исмати ном
به دهر تا بود از خاندان عصمت نام
Ба зилли шоҳ ба монанди ин маони ҷовид
به ظلّ شاه به مانند این مهان جاوید