Ба хӯбии заррае будӣ чаҳ дар кӯии ту ҷо кардам
به خوبی ذرهای بودی چه در کوی تو جا کردم
Ба домани гарми отшпораҳ эй аммо хато кардам
به دامن گرم آتشپارهای اما خطا کردم
Миннат додам ба кафи шамшери истиғно ки афкандӣ
منت دادم به کف شمشیر استغنا که افکندی
Тани аҳли вафо дар хӯн вале бар худ ҷафо кардам
تن اهل وفا در خون ولی بر خود جفا کردم
Ту худ ойинае будӣ вале моҳи ҷамолат ро
تو خود آئینهای بودی ولی ماه جمالت را
Ман аз файзи назари ойинаи гетӣ намо кардам
من از فیض نظر آئینهٔ گیتی نما کردم
Балои халқ будӣ аввал эй сарви сеӣ боло
بلای خلق بودی اول ای سرو سهی بالا
Миннати охири блоӣӣ аз балоҳои худо кардам
منت آخر بلائی از بلاهای خدا کردم
Набӯд аз сидқ рӯй аҳли ҳоҷат дар ту бе парво
نبود از صدق روی اهل حاجت در تو بیپروا
Туро ман аз тавваҷуҳи қиблаи ҳоҷат раво кардам
تو را من از توجه قبله حاجت روا کردم
Харидорони зи қаҳти ҳасан май гаштанди гирди ту
خریداران ز قحط حسن میگشتند گرد تو
Туро ман аз азизии Юсуфи Миср сафо кардам
تو را من از عزیزی یوسف مصر صفا کردم
Кунун ӯ завқ дорад муҳташам аз кардаҳои ман
کنون او ذوق دارد محتشم از کرده های من
Ман ангушти таассуф май газам ки инҳо чаро кардам
من انگشت تاسف میگزم که اینها چرا کردم