Гар бадоне ки гирифтори камандат дил кист

گر بدانی که گرفتار کمندت دل کیست

Вар кунӣ ҷузам ки меҳри ту дар об ва гул кист

ور کنی جزم که مهر تو در آب و گل کیست

Дод исмати диҳӣ аз баҳри ризои дил ӯ

داد عصمت دهی از بهر رضای دل او

То ҳаваси пешаи бидонад ки дилат моил кист

تا هوس پیشه بداند که دلت مایل کیست

Сагати оҳиста наад по ба замин аз ғайрат

سگت آهسته نهد پا به زمین از غیرت

То бидонад ки сари кӯии ту сар манзил кист

تا بداند که سر کوی تو سر منزل کیست

Баъд аз он ҳам ки кунӣ ба смлм аз тоби ҳасад

بعد از آن هم که کنی به سملم از تاب حسد

Тарсам аз рашк бигӯянд ки ин ба смл кист

ترسم از رشک بگویند که این به سمل کیست

Бардаи ин қофила аз қофилаи мшги сабақ

برده این قافله از قافله مشگ سبق

Ёрб ин ътрФшонии амал маҳмил кист

یارب این عطرفشانی عمل محمل کیست

Гарчи овози вай аз маҳфил ӯ май шинавам

گرچه آواز وی از محفل او می‌شنوم

Дилам аз дағдаға хӯнаст ки дар маҳфил кист

دلم از دغدغه خونست که در محفل کیست

Муҳташам зад чу гадоён дар дарюзаи ом

محتشم زد چو گدایان در دریوزه عام

То ба ин пай натавон барад ки ӯ соил кист

تا به این پی نتوان برد که او سائل کیست