Ҷузи ман он кас ки ба васл ту нашуд шод ки буд

جز من آن کس که به وصل تو نشد شاد که بود

Он ки сад мушкилаш аз зулф ту накушод ки буд

آن که صد مشکلش از زلف تو نگشاد که بود

Ғайри ман каз ту ба побӯси сегон хўрсндм

غیر من کز تو به پابوس سگان خورسندم

Он ки рўӣӣ ба кафи пой ту наниҳод ки буд

آن که روئی به کف پای تو ننهاد که بود

Ҷузи дили ман ки фалаки баста ба рӯи роҳи нишот

جز دل من که فلک بسته به رو راه نشاط

Он ки бар ваии дарӣ аз васл ту накушод ки буд

آن که بر وی دری از وصل تو نگشاد که بود

Баъди ҳурмони ман номаи сиёҳи он ки ба ту

بعد حرمان من نامهٔ سیاه آن که به تو

Барги сабзӣ ва паёмӣ нафиристод ки буд

برگ سبزی و پیامی نفرستاد که بود

То буридӣ зи ман эй ганҷи мурод онкӣ насохт

تا بریدی ز من ای گنج مراد آنکه نساخت

Дили вайрон ба мулоқоти ту обод ки буд

دل ویران به ملاقات تو آباد که بود

Ҷузи ман танги дил эй хусрави ширини даҳанон

جز من تنگ دل ای خسرو شیرین دهنان

Умрҳо аз ту ба ҷон кандан Фарҳод ки буд

عمرها از تو به جان کندن فرهاد که بود

Ҷузи ту дар малики дили муҳташам эй шӯхи бало

جز تو در ملک دل محتشم ای شوخ بلا

Он ки дод ситаму ҷавр ва ҷафо дод ки буд

آن که داد ستم و جور و جفا داد که بود