Як дам эй сарви зи ғамҳои ту озод ки буд
یک دم ای سرو ز غمهای تو آزاد که بود
Як шаб эй моҳи зи бедоди ту бедод ки буд
یک شب ای ماه ز بیداد تو بیداد که بود
Мардум аз завқи чўдӣ теғ кашидӣ бар ман
مردم از ذوق چودی تیغ کشیدی بر من
Комшб аз дарди дарин кӯй ба фарёд ки буд
کامشب از درد درین کوی به فریاد که بود
Давр аз базм ту мондам ки з май шастами даст
دور از بزم تو ماندم که ز میشستم دست
Варна он кас ки марои тавба з медод ки буд
ورنه آن کس که مرا توبه ز می داد که بود
То ба хоки раҳам аз кӣна баробар кардӣ
تا به خاک رهم از کینه برابر کردی
Он ки по бар серум аз даст ту наниҳод ки буд
آن که پا بر سرم از دست تو ننهاد که بود
Бахти давр аз ту чаҳ мекард ба хоби аҷалам
بخت دور از تو چه میکرد به خواب اجلم
Он ки нанамуд дарин воқеаи иршод ки буд
آن که ننمود درین واقعه ارشاد که بود
Чун ба ношодии мардуми зи ту шодон будам
چون به ناشادی مردم ز تو شادان بودم
Он ки ношодӣ ман дид ва нашуд шод ки буд
آن که ناشادی من دید و نشد شاد که بود
Чун ту моҳӣ ки натарсед зи оҳи ман ва дод
چون تو ماهی که نترسید ز آه من و داد
Хирмани муҳташами длшдаҳи барбод ки буд
خرمن محتشم دلشده برباد که بود