Ман ки аз адъия хонон дигар мумтозам

من که از ادعیه خوانان دگر ممتازم

Аз дуои ту ба мадҳи ту наме пардозам

از دعای تو به مدح تو نمی‌پردازم

Илми мадҳи ту Байзои илм афрохтанӣ аст

علم مدح تو بیضا علم افراختنی است

Лек ман аз ақабати адъия май афрозам

لیک من از عقبت ادعیه می‌افرازم

Рўзгорист ки бар дидау бахтат ба дуо

روزگاریست که بر دیده و بختت به دعا

Бастаам хоб ва ба бедории худ май нозам

بسته‌ام خواب و به بیداری خود می‌نازم

Ҳаст иқболи ту ёвар ки ман адъия хон

هست اقبال تو یاور که من ادعیه خوان

Кори як сола ба як рӯзаи дуо май созам

کار یک ساله به یک روزه دعا می‌سازم

Хӯрду хобӣ ки дарав нест гзири он сон ро

خورد و خوابی که درو نیست گزیر آن سان را

Ман ба он ҳам зи дуои ту наме пардозам

من به آن هم ز دعای تو نمی‌پردازم

Сарвро дар ҷасадам то рамақӣ ҳаст зи ҷон

سرو را در جسدم تا رمقی هست ز جان

Аз бароят ба фалаки Рахш дуо ме тозам

از برایت به فلک رخش دعا می‌تازم

Бар сари лавҳи санои тарҳи дуои хуши трҳист

بر سر لوح ثنا طرح دعا خوش طرحیست

Хоссаи тарҳӣ ки ман аз баҳр ту ме андозам

خاصه طرحی که من از بهر تو می‌اندازم

Муҳташами тоб ва тавон бохта дар дӯстят

محتشم تاب و توان باخته در دوستیت

Ман ки бетоб ва тавонам дилу ҷон май бозам

من که بی‌تاب و توانم دل و جان می‌بازم