Афкани гузар ба кулбаи мо то баҳам расад
افکن گذر به کلبه ما تا بهم رسد
Аз гирди раҳгузори ту кӯҳлӣ барои чашм
از گرد رهگذار تو کحلی برای چشم
Гар дар всоқ хок нишинон қадам наҳй
گر در وثاق خاک نشینان قدم نهی
Созанди хоки пои туро тўтёии чашм
سازند خاک پای تو را توتیای چشم
Беруни Марви зи манзил мардум нишин хеш
بیرون مرو ز منزل مردم نشین خویش
эй манзили ту манзари нузҳати сарои чашм
ای منزل تو منظر نزهت سرای چشم
Аз мардумӣ агар ба ҳиҷоб эй муроди дил
از مردمی اگر به حجاب ای مراد دل
Пайдо кунам барои ту ҷоӣии варои чашм
پیدا کنم برای تو جائی ورای چشم
Аз чашм офтоб бароядгар афканӣ
از چشم آفتاب برآید گر افکنی
Партав ба хонаи дилам аз ғурфаҳои чашм
پرتو به خانه دلم از غرفههای چشم
Ноед фурӯи серум ба фалакгар ту сарфароз
ناید فرو سرم به فلک گر تو سرفراز
Оӣии фурӯ ба боргаҳи дили гушои чашм
آئی فرو به بارگه دل گشای چشم
Бар муҳташам гузор фикан каз барои туаст
بر محتشم گذار فکن کز برای توست
Гавҳар фишонӣ мижааш дар сарои чашм
گوهر فشانی مژهاش در سرای چشم