Сохт шаби марои сияҳи дӯди дили Фкори ман
ساخت شب مرا سیه دود دل فکار من
Рӯзам агар чунин буд вой ба рӯзгори ман
روزم اگر چنین بود وای به روزگار من
Чун диҳад аз ғами туами оҳ ба боди нестӣ
چون دهد از غم توام آه به باد نیستی
Оинаи сипеҳрро тира кунад ғубори ман
آینهٔ سپهر را تیره کند غبار من
Абри блобрўни хаймаи зи мавҷи хези ғам
ابر بلابرون خیمه ز موج خیز غم
Чун зи дарун илм кашад оҳи шарораи бори ман
چون ز درون علم کشد آه شراره بار من
То ту қарор додае қатли маро ба теғи худ
تا تو قرار دادهای قتل مرا به تیغ خود
Сабр фирор кардааст аз дил бе қарори ман
صبر فرار کرده است از دل بیقرار من
То зи назораи ?ути марои сохт ба ишқи мубтало
تا ز نظارهات مرا ساخت به عشق مبتلا
Гӯшаи бгўшаҳ май ҷаҳди чашми гуноҳкори ман
گوشه بگوشه میجهد چشم گناهکار من
Ба зи нахусти муҳташами бози расм ба кори худ
به ز نخست محتشم باز رسم به کار خود
Гар дигар он ғизоларо чарх кунад шикори ман
گر دگر آن غزاله را چرخ کند شکار من